राष्ट्रवाणी: 2000 के दशक का बेहद लोकप्रिय सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म Orkut एक बार फिर वापसी कर सकता है। ऑरकुट के फाउंडर …और पढ़ें 2000 के दशक का पसंदीदा Orkut कर सकता है वापसी। Photo- ChatGPT. टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली।
2000 के दशक का बेहद लोकप्रिय सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म Orkut एक बार फिर वापसी कर सकता है। इसके फाउंडर Orkut Buyukkokten ने इंटरनेट यूजर्स से इस प्लेटफॉर्म को दोबारा शुरू करने के उनके प्लान को सपोर्ट करने की अपील की है, जिसका मेन फोकस फ्रेंडशिप, कम्युनिटी और रियल ह्यूमन कनेक्शन पर होगा।
हालांकि, इसके लिए अभी किसी लॉन्च डेट का एलान नहीं किया गया है। गुरुवार को Buyukkokten ने X पर एक पोस्ट शेयर करके लोगों से इस पहल को सपोर्ट करने को कहा। उन्होंने कहा कि इंटरनेट से लोगों को दोस्त बनाने, कम्युनिटी बनाने और अपनापन महसूस करने में मदद मिलनी चाहिए।
उन्होंने यूज़र्स से कहा कि वे ऑफिशियल वेबसाइट orkut.com पर अपना नाम जोड़ें और अपने सपोर्टर कार्ड दोस्तों के साथ शेयर करें। Orkut इंटरनेट के शुरुआती दौर की एक सोशल नेटवर्किंग सर्विस थी, जिसे गूगल के इंजीनियर Orkut Buyukkokten ने बनाया था और इसे गूगल द्वारा ऑपरेट किया जाता था। जनवरी 2004 में लॉन्च होने के बाद ये भारत और ब्राजील जैसे देशों में काफी पॉपुलर हुआ था।
यूजर्स यहां प्रोफाइल्स, कम्युनिटीज, टेस्टीमोनियल्स और फ्रेंड नेटवर्क्स के जरिए आपस में जुड़ते थे। हालांकि, Facebook और Instagram जैसे दूसरे सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती लोकप्रियता के बीच गूगल ने सितंबर 2014 में Orkut को बंद कर दिया था। वेबसाइट पर लिखे एक ओपन लेटर में Buyukkokten ने समझाया कि वह Orkut को वापस क्यों लाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में सोशल मीडिया काफी बदल चुका है और प्लेटफॉर्म्स अब मीनिंगफुल रिलेशनशिप के बजाय सिर्फ यूजर एंगेजमेंट को प्रायोरिटी दे रहे हैं। The internet should help us find our people. Friendship. Community. A place to belong. Help me bring Orkut back in that spirit. Add your name at and share your supporter card with someone you want to bring along. Love, Orkut Buyukkokten ने इंटरनेट के उन शुरुआती दिनों को याद किया, जब दुनिया के अलग-अलग कोनों के लोगों से जुड़ना काफी रोमांचक लगता था।
उन्होंने कहा कि किसी दूसरे देश के अजनबी के साथ की गई छोटी सी बातचीत भी बहुत खास लगती थी क्योंकि वह जुड़ाव बिल्कुल सच्चा और असली होता था। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की आलोचना करते हुए कहा कि उनके फीड्स लोगों को असली रिश्ते बनाने में मदद करने के बजाय सिर्फ उनका ध्यान खींचने के लिए डिजाइन किए गए हैं।
Buyukkokten के मुताबिक, इस बदलाव ने युवाओं में अकेलेपन को बढ़ाने का काम किया है। फाउंडर ने ऑनलाइन बातचीत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बढ़ती भूमिका पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे इंसानी रिश्ते कमजोर हो सकते हैं, जिनकी वजह से सोशल नेटवर्किंग का कोई मतलब बनता था।
इस रिवाइवल इनिशिएटिव के तहत Buyukkokten ने यूजर्स से ऑफिशियल वेबसाइट पर अपना नाम जोड़ने को कहा है, ताकि वे असली लोगों और सच्चे रिश्तों पर टिके सोशल नेटवर्क के को लेकर अपना सपोर्ट दिखा सकें। ओपन लेटर में लिखा है, ‘जब लोग मुझे बताते हैं कि वे orkut.com के बारे में सबसे ज्यादा क्या मिस करते हैं, तो वे हमेशा कम्युनिटीज का नाम लेते हैं।
वे लोग जो एक ही तरह की मोटरसाइकिल रिपेयर करते थे। वे लोग जो एक ही बस रूट पर सफर करते थे। वे लोग जो मंडे से नफरत करते थे।
फीड में आप सिर्फ एक ऑडियंस बनकर रह जाते हैं, जबकि किसी कम्युनिटी में आप उसके मेंबर होते हैं। यही इसका असली मकसद था।’ उन्होंने आगे लिखा, ‘मैं इंटरनेट का एक अलग भविष्य देखता हूं, जो असली लोगों के इर्द-गिर्द बना हो, जहां हर मैसेज के दूसरी तरफ एक इंसान मौजूद हो। एक ऐसा भविष्य जो एल्गोरिदम, व्यूज और साइट पर ज्यादा से ज्यादा समय बिताने के फॉर्मूले पर बेस्ड न हो।
अगली जनरेशन एक बेहतर दुनिया की हकदार है, जहां कम्युनिटीज अच्छाई, क्यूरोसिटी, फ्रेंडशिप, भरोसे और आपसी कनेक्शन को बढ़ावा दें।’ उन्होंने सपोर्टर्स से दोस्तों को इन्वाइट करने और अपने सपोर्टर कार्ड्स शेयर करने को भी कहा ताकि इस प्रपोज्ड प्लेटफॉर्म के आसपास एक मजबूत कम्युनिटी तैयार हो सके।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे उन लोगों तक पहुंचें जिन्हें वे इस मुहिम से जोड़ना चाहते हैं और उन्हें बताएं कि वे उनके लिए क्यों खास हैं। Buyukkokten ने कहा कि दोस्ती और कम्युनिटी ही जिंदगी को मायने देती हैं और इंटरनेट को अटेंशन बटोरने के बजाय इंसानों पर फोकस करना चाहिए।
