श्रीनगर: डल झील और ज़बरवान पहाड़ियों के बीच स्थित एशिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन को खोलने के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। इस माह के अंत में इसे दर्शकों के लिए खोला जाएगा। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

पूर्व में सिराज बाग के नाम से मशहूर इस गार्डन में हर साल ट्यूलिप की गांठों को चरणबद्ध तरीके से लगाया जाता है जिससे फूल लंबे समय तक खिले रहें और पर्यटक उनका आनंद ले सकें। ट्यूलिप गार्डन के सहायक अधिकारी आसिफ अहमद ने बताया कि गार्डन को खोलने की तैयारियां जोरों पर हैं।

उन्होंने कहा, “यह एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है और इसे जल्द ही दर्शकों के लिए खोला जाएगा।” अधिकारियों ने बताया कि गार्डन को अंतिम रूप देने में विभाग के कर्मचारी और श्रमिक पूरी मेहनत से जुटे हैं।
अहमद ने कहा कि इस साल गार्डन में दो नई किस्मों के ट्यूलिप भी लगाए गए हैं।

उन्होंने कहा, “हम हर साल ट्यूलिप गार्डन में कुछ नया करने की कोशिश करते हैं। इस बार हमने एक नया रंग संयोजन तैयार किया है। हमने दो नई ट्यूलिप किस्में जोड़ी हैं, जिससे कुल किस्मों की संख्या 74 हो गई है।” गार्डन की सुंदरता बढ़ाने के लिए अन्य वसंतकालीन फूल जैसे हायंिसथ, डैफोडिल, मस्कारी और साइक्लेमेन भी लगाए गए हैं।

करीब 55 हेक्टेयर में फैले इस गार्डन में 17 लाख ट्यूलिप लगाए गए हैं। अहमद ने बताया, “इस साल हमारे पास 17 लाख बल्ब हैं और यह अपने विस्तार की अधिकतम सीमा तक पहुंच चुका है।” इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन की स्थापना वर्ष 2007 में तत्कालीन मुख्यमंत्री गुलाम नबी आज़ाद ने की थी। इसका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में पर्यटन सीजन को केवल गर्मी और सर्दी तक सीमित रखने के बजाय वसंत ऋतु तक बढ़ाना था।

शुरूआत में यहां 50,000 ट्यूलिप बल्ब लगाए गए थे, जो नीदरलैंड (हॉलैंड) से मंगाए गए थे। इसके बाद यह गार्डन पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ और हर साल इसमें ट्यूलिप और आगंतुकों की संख्या बढ़ती गई।
पिछले साल गार्डन ने रिकॉर्ड 4.65 लाख पर्यटकों (देशी और विदेशी) का स्वागत किया, जबकि 2022 में 3.65 लाख लोग यहां पहुंचे थे।

अहमद ने कहा,”पिछले साल, सिर्फ 25 से 30 दिनों की छोटी अवधि में 4.65 लाख पर्यटक आए थे। इस साल हम उम्मीद कर रहे हैं कि यह संख्या पिछले साल से भी ज्यादा होगी। हम पूरे देश और विदेश से लोगों को आमंत्रित करते हैं कि वे इस अद्भुत नजारे का आनंद लें।”

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