गुवाहाटी. जुबिन गर्ग की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग ने बृहस्पतिवार को कहा कि गायक ने अपने दो निजी सुरक्षा अधिकारियों (पीएसओ) को कुछ पैसे दिए थे और इस संबंध में जांच चल रही है. पुलिस को पीएसओ नंदेश्वर बोरा और प्रबीन बैश्य के खातों से 1.1 करोड़ रुपये से ज़्यादा के लेन-देन का पता चला है जिसके बाद दोनों को निलंबित कर दिया गया है. गरिमा ने संवाददाताओं को बताया कि जुबिन ने अपने सामाजिक कार्यों के लिए पीएसओ को कुछ पैसे दिए थे.
उन्होंने कहा,”जांच चल रही है. पीएसओ के पास सभी बैंक विवरण हैं. उन्होंने विभिन्न लेन-देन की एक डायरी भी बना रखी है.” गरिमा ने कहा कि उन्हें ज.ुबीन के वित्तीय लेन-देन की जानकारी नहीं है, ”इसलिए यह सवाल मुझसे नहीं पूछा जाना चाहिए.” ये पीएसओ लंबे समय से गायक के साथ थे. लगभग एक दशक पहले प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन उल्फा द्वारा जान से मारने की धमकी दिये जाने के बाद असम पुलिस ने जुबिन के साथ दोनों को तैनात किया था.
पुलिस का कहना है कि उसे दोनों पीएसओ के बैंक खातों में वित्तीय अनियमितताएं मिली हैं. एक पीएसओ के खाते में 70 लाख रुपये और दूसरे के खाते में 45 लाख रुपये नजर आये जो उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं ज़्यादा है और इसीलिए उन्हें निलंबित कर दिया गया.
गरिमा ने कहा, ”इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए. हम बस यह जानना चाहते हैं कि उस दिन (उनकी मृत्यु के दिन) उनके साथ क्या हुआ था.” उन्होंने कहा, ”उन्हें सभी प्यार करते थे. उन्हें प्यार और सम्मान मिला… तो उस दुर्भाग्यपूर्ण दिन उन्हें इस तरह नज.रअंदाज क्यों किया गया? यही हमारा सवाल है.” गरिमा ने यह भी सवाल उठाया कि उनके अंतिम क्षणों के वीडियो ‘एक वेब सीरीज. की तरह… टुकड़ों में क्यों पोस्ट किए जा रहे हैं.’ उन्होंने कहा, ”हम अलग-अलग समय पर कही जा रही अलग-अलग बातों को लेकर उलझन में हैं. हम बस सही बात और सच्चाई जानना चाहते हैं.”
उन्होंने कहा कि वह एक साधारण इंसान थे और उन्हें न्याय मिलना चाहिए. गरिमा ने कहा, ”अगर कोई आपराधिक कृत्य हुआ है, तो मुख्य आरोपी को सजा मिलनी चाहिए और यही मुख्य मुद्दा होना चाहिए.” गरिमा और गायक की बहन पाल्मे बोरठाकुर ने पिछले महीने सिंगापुर में हुई उनकी मौत के कारणों को जानने और न्याय की मांग की है.
