नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को पहलगाम त्रासदी पर वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर तीखा पलटवार किया और उस पर ‘आतंकवादी पारिस्थितिकी तंत्र’ को बचाने और ‘पाकिस्तान के प्रति प्रेम’ दिखाने का आरोप लगाया. कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने शनिवार को यहां एक पुस्तक विमोचन समारोह के दौरान आश्चर्य जताते हुए कहा था कि क्या 22 अप्रैल को बैसरन के हरे-भरे पर्यटक स्थल पर हुआ आतंकवादी हमला ‘विभाजन के अनसुलझे सवालों’ का नतीजा था. भाजपा ने इसे कांग्रेस नेताओं और उनके परिजनों द्वारा की गई निंदनीय और अपमानजनक टिप्पणियों की श्रृंखला में नवीनतम माना. भाजपा की तीखी टिप्पणियों पर कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई.

अय्यर की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”कांग्रेस का तुष्टीकरण पहलगाम आतंकी हमले पर भी जारी है! रॉबर्ट वाद्रा और सिद्धरमैया के बाद अब मणिशंकर अय्यर पाकिस्तान और आतंकवादियों को दोष देने से इनकार कर रहे हैं!” उन्होंने कहा, ”26/11 के हमले के बाद से कांग्रेस में कुछ भी नहीं बदला है, वह अब भी आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा कर रही है, अब भी पाकिस्तान के प्रति प्रेम दिखा रही है.” इससे पहले सिद्धरमैया ने ‘युद्ध के पक्ष में नहीं’ होने का बयान दिया था और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा के पति रॉबर्ट वाद्रा ने यह राय जाहिर की थी कि पहलगाम में गैर-मुसलमानों पर हमला किया गया क्योंकि आतंकवादियों को लगता है कि देश में मुसलमानों के साथ ‘दुर्व्यवहार’ किया जा रहा है. हालांकि, रॉबर्ट वाद्रा ने आतंकी हमले की निंदा की थी, लेकिन उन्हें सभी तरफ से आलोचना का सामना करना पड़ा.
भाजपा ने वाद्रा पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर आतंकवादियों की भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और उनसे माफी की मांग की.

अय्यर ने अपनी हालिया टिप्पणी में कहा था कि देश के सामने जो प्रश्न पहले था आज भी वही प्रश्न है कि क्या भारत में मुसलमान महसूस करते हैं कि उन्हें स्वीकार कर लिया गया है और उनका सम्मान किया जाता है? उन्होंने कहा, ”कई लोगों ने विभाजन को लगभग रोक दिया था, लेकिन ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि गांधीजी, पंडित नेहरू, जिन्ना और जिन्ना से असहमत कई अन्य मुसलमानों के बीच भारत की राष्ट्रीयता और इसकी सभ्यतागत विरासत की प्रकृति की मूल्य प्रणालियों और आकलन को लेकर मतभेद थे.” उन्होंने कहा, ”लेकिन सच्चाई यह है कि विभाजन हुआ और आज तक हम उस बंटवारे के परिणामों के साथ जी रहे हैं. क्या हमें इसी तरह जीना चाहिए? क्या बंटवारे के अनसुलझे सवाल ही 22 अप्रैल को पहलगाम में हुई भयानक त्रासदी में प्रतिबिंबित हुए हैं.” अय्यर ने कहा कि उपमहाद्वीप में मुसलमानों का मसीहा बनने का पाकिस्तान का सपना 1971 के युद्ध के बाद खत्म हो गया, जब बांग्लादेश एक अलग देश बन गया.

भंडारी ने शुक्रवार को हरियाणा का दौरा किया और लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के परिवार से मुलाकात की. पहलगाम के खूबसूरत पर्यटन स्थल बैसरन में जमीन पर पड़े नौसेना अधिकारी के शव और बगल में बैठी उनकी नवविवाहिता पत्नी की खाली निगाहों वाली तस्वीर इस भयावह हमले का भयावह प्रतीक बन गई है. परिवार से मिलने के बाद भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि हमले में मारे गए निर्दोष लोगों की जान की कीमत पाकिस्तान को चुकानी पड़ेगी.

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