राष्ट्रवाणी: खाना खाते समय अचानक दांतों के बीच जीभ आ जाना और उसमें कट लगना एक आम समस्या है. कई बार लोग इसे जल्दबाजी में खाना खाने या ठीक से चबाने पर ध्यान न देने की वजह मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. हालांकि अगर ऐसा बार-बार हो रहा है, तो इसके पीछे कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं. जीभ पर बार-बार चोट लगने से दर्द, सूजन और खाने-पीने में परेशानी हो सकती है. खासकर जब घाव पूरी तरह ठीक होने से पहले दोबारा चोट लग जाती है, तो समस्या और बिगड़ सकती है. जीभ मुंह का एक संवेदनशील हिस्सा है, जो खाना चबाने, निगलने और बोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. इसलिए इसमें बार-बार चोट लगना सामान्य परेशानी लगने के बावजूद एक गंभीर समस्या हो सकती है. यदि आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो इसके कारणों को समझना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. बार-बार जीभ कटने का एक प्रमुख कारण दांतों की बनावट भी हो सकती है. यदि किसी दांत का किनारा नुकीला है, दांत टूट गया है या फिलिंग ठीक से नहीं हुई है, तो जीभ उस हिस्से से टकराकर घायल हो सकती है. इसी तरह, दांतों की असमान स्थिति के कारण खाना चबाते समय जीभ बार-बार दांतों के बीच आ सकती है. ऐसी स्थिति में डेंटिस्ट से जांच कराना बेहतर होता है. डॉक्टर दांतों के नुकीले किनारे या अन्य समस्याओं की पहचान करके उसके इलाज के बारे में बता सकते हैं. कुछ लोगों की जीभ में सूजन आ जाती है, जिससे वह सामान्य से अधिक बड़ी दिखाई देने लगती है. ऐसी स्थिति में खाना खाते समय जीभ के दांतों के बीच आने की संभावना बढ़ जाती है. जीभ में सूजन एलर्जी, चोट, संक्रमण या कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण होती है. यदि जीभ अचानक सूज जाए और सांस लेने या निगलने में परेशानी होने लगे, तो ऐसे में तुरंत डॉक्टर से मदद लेना चाहिए. शरीर में विटामिन बी12, फोलेट या आयरन की कमी से जीभ में दर्द, जलन या सूजन जैसी समस्याएं होती हैं. कुछ मामलों में जीभ की सतह भी प्रभावित हो सकती है. यदि जीभ में लगातार जलन, असामान्य सूजन, थकान या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है. कई बार खाना खाते समय बात करने, जल्दी-जल्दी चबाने या भोजन पर पर्याप्त ध्यान न देने के कारण जीभ दांतों के बीच आ जाती है. यदि ऐसा कभी-कभार होता है, तो खाने की गति कम करना और भोजन को अच्छी तरह चबाना मदद करता है. यदि दांतों की स्थिति या चबाने के तरीके में कोई समस्या है, तो उसकी जांच कराना जरूरी है. अगर खाना खाते समय जीभ पर हल्का कट लग जाए, तो सबसे पहले मुंह को साफ पानी से धीरे-धीरे कुल्ला करके साफ करें. यदि खून निकल रहा है, तो साफ गॉज या कपड़े से घाव पर हल्का, लगातार दबाव डालें. बहुत गर्म, तीखा या खट्टा भोजन कुछ समय के लिए टालें, क्योंकि इससे जलन बढ़ सकती है. यदि खून बहना बंद नहीं हो रहा है, घाव गहरा है, जीभ में बहुत ज्यादा सूजन है या निगलने में परेशानी हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए. Check out below Health Tools-Calculate Your Body Mass Index ( BMI ) Calculate The Age Through Age Calculator निर्जला गौड़ इस वक्त ABP Live की लाइफस्टाइल डेस्क पर इंटर्न के तौर पर काम कर रही हैं. वह मंदसौर यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में अपनी डिग्री कर रही हैं. इससे पहले वह EBNW Stories में कंटेंट राइटर के तौर पर इंटर्नशिप कर चुकी हैं. डिजिटल जर्नलिज्म और कंटेंट क्रिएशन में उनकी खास रुचि है. आसान, आकर्षक और रिलेटेबल अंदाज में कहानियों को पेश करना और पाठकों तक जानकारी को प्रभावी तरीके से पहुंचाना उनकी खासियत है. We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.
Trending
- साय कैबिनेट की बैठक ख़त्म, दिवाली से ठीक पहले इन अहम प्रस्तावों को मिली मंत्रिमंडल की मंजूरी, आप भी पढ़ें – राष्ट्रवाणी
- चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ में सतर्कता बरतने के निर्देश – राष्ट्रवाणी
- चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ से उर्जाधानी में अलर्ट, कलेक्टर बोले, ‘पेयजल, भोजन, रोशनी और चिकित्सा की व्यवस्था सुनिश्चित करें’ – राष्ट्रवाणी
- छत्तीसगढ़ के कई जिलों में छुट्टी का ऐलान, इतने दिनों के लिए बंद रहेंगे सभी स्कूल, चक्रवाती तूफान के चलते लिया गया बड़ा फैसला – राष्ट्रवाणी
- छत्तीसगढ़ सरकार का सबसे भ्रष्ट डिपार्टमेंट कौन सा? ACB और EOW ने जारी किये हैरान कर देने वाले आंकड़े, आप भी देखें – राष्ट्रवाणी
- रूस में छत्तीसगढ़ के युवक को हिरासत में लिए जाने का दावा, बहन ने सरकार से मदद मांगी – राष्ट्रवाणी
- छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए जरूरी खबर, धान बेचने के लिए घर बैठे ऐसे मिलेगा टोकन, जानिए पूरा प्रोसेस – राष्ट्रवाणी
- छत्तीसगढ़ में शासकीय सेवकों, उनके आश्रितों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू होगी—पढ़ें इनसाइड स्टोरी – राष्ट्रवाणी
