नयी दिल्ली. अभिनेत्री करिश्मा कपूर के दोनों बच्चों ने अपने दिवंगत पिता संजय कपूर की संपत्ति में हिस्सेदारी के लिए मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया, जो करीब 30,000 करोड़ रुपये बतायी जाती है. इस अर्जी पर 10 सितंबर को सुनवाई होने की संभावना है. इसमें संजय कपूर की 21 मार्च की वसीयत को चुनौती दी गई है जिसमें कथित तौर पर उनकी सारी निजी संपत्ति उनकी सौतेली मां प्रिया कपूर के नाम की गई है.
अर्जी में दावा किया गया है कि न तो संजय कपूर ने कभी वसीयत के बारे में उल्लेख किया और न ही उनकी सौतेली मां प्रिया कपूर या किसी अन्य व्यक्ति ने कभी इस बारे में कोई जिक्र किया. इसमें आरोप लगाया गया है कि प्रिया का आचरण यह दर्शाता है कि ”कथित वसीयत बिना निसंदेह उनके द्वारा तैयार की गई है.” अर्जी में दावा किया गया, “याचिकाकर्ताओं के पिता द्वारा कथित रूप से निष्पादित की गई वसीयत कानूनी और वैध दस्तावेज नहीं है. यह जाली और मनगढ़ंत है. यही कारण है कि न तो कथित वसीयत की मूल प्रति वादी को दिखाई गई और न ही कथित वसीयत की कोई प्रति प्रदान की गई.”
शिकायत में उनके दिवंगत पिता की संपत्ति के संबंध में विभाजन, खातों का प्रतिपादन और स्थायी निषेधाज्ञा की मांग की गई है इसमें कहा गया है, “याचिकाकर्ताओं को अपने पिता के निधन के समय उनकी व्यक्तिगत संपत्ति और उनके प्रभावों के बारे में पूरी जानकारी नहीं थी.” अर्जी में प्रिया को संजय की मृत्यु के समय उनकी संपूर्ण व्यक्तिगत संपत्ति और संपत्ति का खुलासा करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया.
संजय कपूर की बेटी ने अपनी मां करिश्मा के माध्यम से अर्जी दायर की है और उन्हें अपना ‘जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी’ नियुक्त किया है, जबकि नाबालिग बेटे का प्रतिनिधित्व भी मां ने कानूनी अभिभावक के रूप में किया है. करिश्मा और संजय ने 2003 में शादी की थी लेकिन 2016 में उनका तलाक हो गया था.
