पहलगाम/नयी दिल्ली/यरुशलम. कश्मीर के पहलगाम शहर के निकट एक प्रसिद्ध घास के मैदान में मंगलवार दोपहर हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर पर्यटक हैं. यह 2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद घाटी में हुआ सबसे घातक हमला है. एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने विस्तृत जानकारी दिए बिना बताया कि 26 मृतकों में दो विदेशी और दो स्थानीय नागरिक हैं.

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस आतंकी हमले को “हाल के वर्षों में आम लोगों पर हुए किसी भी हमले से कहीं बड़ा” हमला बताया. अधिकारियों ने बताया कि यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस भारत की यात्रा पर हैं और पर्यटन तथा ट्रैकिंग का सीजन जोर पकड़ रहा है. हमला अपराह्न करीब तीन बजे हुआ. पहलगाम शहर से लगभग छह किलोमीटर दूर बैसरन घने देवदार के जंगलों और पहाड़ों से घिरा एक विशाल घास का मैदान है तथा देश और दुनिया के पर्यटकों के बीच पसंदीदा स्थान है.

अधिकारियों और प्रत्यक्षर्दिशयों ने बताया कि हथियारबंद आतंकवादी ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ कहे जाने वाले घास के मैदान में घुस आए और भोजनालयों के आसपास घूम रहे, खच्चर की सवारी कर रहे, पिकनिक मना रहे पर्यटकों पर गोलीबारी शुरू कर दी. कश्मीर घाटी में हुए इस हमले में कम से कम 20 लोग घायल हो गए. पाकिस्तान में स्थित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के छद्म संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने हमले की जिम्मेदारी ली है. अधिकारियों ने कहा कि यह संभव है कि आतंकवादी समूह जम्मू के किश्तवाड़ से दक्षिण कश्मीर के कोकेरनाग के रास्ते बैसरन तक पहुंचा हो.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सऊदी अरब की यात्रा पर गए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को स्थिति की जानकारी दी और बताया कि वह सभी एजेंसियों के साथ तत्काल सुरक्षा समीक्षा बैठक के लिए शाम को श्रीनगर पहुंचे हैं. अधिकारियों ने बताया कि शाह के बुधवार को पहलगाम जाने की संभावना है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आतंकी हमले की निंदा की और कहा कि आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा.

मोदी ने ‘एक्स’ पर कहा, “मैं जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता हूं. जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी संवेदना व्यक्त करता हूं. मैं घायल लोगों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं. प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है.” उन्होंने कहा, “इस जघन्य कृत्य के पीछे जो लोग हैं, उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा…उन्हें बख्शा नहीं जाएगा! उनका नापाक एजेंडा कभी सफल नहीं होगा. आतंकवाद से लड़ने का हमारा संकल्प अडिग है और यह और भी मजबूत होगा.” प्रत्यक्षर्दिशयों ने बताया कि हमले के बाद मदद के लिए चीख-पुकार मच गई, जबकि शव खून से लथपथ पड़े थे.
कुछ लोगों का कहना है कि हमलावरों की संख्या पांच थी.

हमले के समय घटनास्थल पर मौजूद एक महिला ने ‘पीटीआई-भाषा’ को फोन पर बताया, “मेरे पति के सिर में गोली लगी, जबकि सात अन्य लोग भी हमले में घायल हुए हैं.” महिला ने अपनी पहचान नहीं बताई, लेकिन घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की गुहार लगाई. एक अन्य महिला पर्यटक ने बताया कि जैसे ही गोलियां चलीं, वहां अफरातफरी मच गई और पर्यटक छिपने के लिए भागे, लेकिन खुले स्थान पर छिपने के लिए कोई जगह नहीं थी. एक महिला ने बताया कि आतंकवादियों ने गोली मारने से पहले पीड़ितों का नाम पूछा.

बैसरन में एकत्र हुए पर्यटक कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात समेत कई राज्यों से थे. मारे गए लोगों में कर्नाटक के व्यापारी मंजूनाथ राव भी शामिल हैं, जो शिवमोगा के रहने वाले थे. मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने उनकी मौत पर शोक जताया और अधिकारियों की बैठक बुलाई. आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कर्नाटक से अधिकारियों की एक टीम कश्मीर के लिए रवाना हो गई है.

बैसरन तक केवल पैदल या घोड़ों से ही पहुंचा जा सकता है, इसलिए घायलों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टरों की मदद ली गई. मारे गए और घायलों के परिवारों को कड़ी सुरक्षा के बीच सरकारी स्वामित्व वाले पहलगाम क्लब ले जाया गया. सम्पूर्ण जिला प्रशासन और पुलिस बल को तैनात किया गया तथा एम्बुलेंस सेवाएं ली गईं. कुछ घायलों को स्थानीय लोग अपने खच्चरों पर लादकर घास के मैदान से नीचे लाए.

अधिकारियों ने बताया कि गोलीबारी की आवाजें आने की शुरुआती खबर मिलने के बाद सेना, सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस बैसरन पहुंची. बैसरन 1980 के दशक में फिल्म निर्माताओं का बेहद पसंदीदा स्थान था. उन्होंने बताया कि हमलावरों की तलाश के लिए व्यापक आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू कर दिया गया है तथा सुरक्षा बल सभी दिशाओं में तैनात हैं. जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अनंतनाग और श्रीनगर में 24 घंटे संचालित आपातकालीन नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना की निंदा की.

अब्दुल्ला ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “मृतकों की संख्या का पता लगाया जा रहा है, इसलिए मैं विस्तृत विवरण नहीं दे पाउंगा. स्थिति स्पष्ट होने पर आधिकारिक रूप से सूचित किया जाएगा. यह हाल के वर्षों में आम लोगों पर हुए किसी भी हमले से कहीं बड़ा हमला है.” उन्होंने कहा, “मैं स्तब्ध हूं. हमारे आगंतुकों पर यह हमला घृणित है. इस हमले को अंजाम देने वाले अपराधी जानवर हैं, अमानवीय हैं और नफरत के लायक हैं. इसकी निंदा के लिए कोई भी शब्द पर्याप्त नहीं है. मैं मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं.” जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के कार्यालय ने कहा कि आतंकवादियों को खत्म करने के लिए आतंकवाद रोधी अभियान शुरू कर दिया गया है.

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “”पूरा देश आक्रोशित है और हमारे जवानों का खून खौल रहा है. मैं देश को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि पहलगाम हमले के दोषियों को उनके जघन्य कृत्य की बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी. शोक संतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं.” पहलगाम से नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक अल्ताफ अहमद वानी ने इस हमले को “कायरतापूर्ण” बताया और कहा कि निर्दोष लोगों को निशाना बनाना इस्लाम की शिक्षाओं के खिलाफ है.

उन्होंने कहा, “इस कायरतापूर्ण कृत्य के दोषियों से सख्ती से निपटा जाएगा.” उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “यह हमला बहुत दर्दनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है. यह अप्रत्याशित स्थान पर हुआ जो पहलगाम (बस स्टैंड) से लगभग पांच किलोमीटर दूर है. इसका इस्तेमाल ट्रैकिंग के लिए किया जाता है और लोग वहां खच्चरों पर सवार होकर जाते हैं.” हमला ऐसे समय में हुआ है जब वर्षों तक आतंकवाद से जूझने के बाद कश्मीर में पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि देखी गई है.

उल्लेखनीय है कि 14 फरवरी, 2019 को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा इलाके में हुए आत्मघाती हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 40 जवान शहीद हो गए थे. उसके बाद से कई और आतंकी हमले हुए हैं, लेकिन कोई भी इतना गंभीर नहीं था. साल 2000 में पहलगाम में अमरनाथ आधार शिविर पर हुए हमले में 30 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी.
एक वर्ष बाद शेषनाग में अमरनाथ तीर्थयात्रियों पर हमले में 13 लोगों की मौत हुई, जबकि पहलगाम क्षेत्र में 2002 में एक अन्य हमले में 11 लोग मारे गये.
पिछले साल मई में पहलगाम के यन्नार में आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी में राजस्थानी पर्यटक पति-पत्नी घायल हो गए थे.
मार्च 2000 में जब तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भारत के दौरे पर थे, तब आतंकवादियों ने दक्षिण कश्मीर के छत्तीसिंहपुरा में 35 सिखों की हत्या कर दी थी.

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकवादी हमला घिनौना और दर्दनाक: राष्ट्रपति मुर्मू नयी दिल्ली, 22 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले को घिनौना और दर्दनाक बताते हुए कहा कि निर्दोष लोगों को निशाना बनाने का उनका नृशंस अमानवीय कृत्य माफी के लायक नहीं है. मुर्मू ने अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्ति की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. कश्मीर के पहलगाम शहर के निकट सुरम्य पर्यटन स्थल पर आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी में कई पर्यटकों के मारे जाने और कम से कम 20 लोगों के घायल होने की आशंका है.

एक उच्च-स्तरीय अधिकारी ने बिना विस्तृत जानकारी दिए अनुमान लगाया कि मरने वालों की संख्या 20 से अधिक हो सकती है.
मुर्मू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुआ आतंकवादी हमला घिनौना और दर्दनाक है. यह एक नृशंस व अमानवीय कृत्य है, जिसकी स्पष्ट रूप से निंदा की जानी चाहिए. निर्दोष लोगों, खासकर पर्यटकों पर हमला करना, बेहद भयावह व अक्षम्य है. मैं उन परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करतीं हूं, जिन्होंने अपने प्रियजन को खो दिया है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं.”

उपराष्ट्रपति धनखड़, लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने पहलगाम आतंकवादी हमले की निंदा की

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की मंगलवार को निंदा की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. धनखड़ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भयावह आतंकवादी हमले से बहुत दुखी हूं. हिंसा के ऐसे कृत्य निंदनीय हैं और इनकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए. दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं.” वहीं, बिरला ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर आतंकवादियों का कायराना हमला अत्यंत निंदनीय और दुखद है.” उन्होंने लिखा, ”मेरी संवेदनाएं इस हमले में जान गंवाने वाले नागरिकों के परिजनों के साथ हैं. मैं ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं.”

इजराइल जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले से ‘बहुत दुखी’: विदेश मंत्री गिदोन सा’र

इजराइल ने मंगलवार को कहा कि वह जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले से ”बहुत दुखी” है और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ खड़ा है. इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सा’र ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की. उन्होंने कहा, ”जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए जघन्य आतंकवादी हमले से बहुत दुख हुआ है. हमारी संवेदनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं. आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में इजराइल भारत के साथ एकजुट है.”

पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकवादी हमले से सकते में हूं : इजराइली राजदूत

भारत में इजराइल के राजदूत रियुवेन अजार ने मंगलवार को कहा कि वह जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों को निशाना बनाकर किए गए आतंकवादी हमले से स्तब्ध हैं. अजार ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले से दुखी और स्तब्ध हूं, जिसमें निर्दोष नागरिकों की जान चली गई. हमारी संवेदनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं. हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षा बलों के साथ हैं.” वहीं, इजराइली दूतावास के प्रवक्ता गाय नीर ने ‘एक्स’ पर लिखा, “जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए जघन्य आतंकवादी हमले से बेहद दुखी हूं. मेरी संवेदनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं. इजराइल आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ है.”

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