राष्ट्रवाणी: लता मंगेशकर का 62 साल पुराना एक मशहूर गाना डायरेक्टर राज खोसला ने रिजेक्ट कर दिया था। बाद में इसे उनकी सबसे बेहतरीन धुन में से एक माना गया। एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली।

आज भले ही भारत की ‘नाइटिंगेल’ (सुर कोकिला) कही जाने वाली गायिका लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी आवाज हमेशा अमर रहेगी। उनकी सुरीली आवाज ने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया है। संगीत की दुनिया पर उनका प्रभाव बेमिसाल है जिसे आज और आने वाले समय में शायद ही कोई मैच कर पाएगा।

उन्होंने 36 से ज्यादा भाषाओं में 30,000 से ज्यादा गाने गाए हैं। वैसे तो लता जी के सारे ही गाने बहुत पॉपुलर थे लेकिन 1964 में रिलीज हुए उनके एक गाने की कहानी बहुत दिलचस्प है। इस मशहूर गाने को फिल्म के डायरेक्टर और मुख्य अभिनेता ने रिजेक्ट कर दिया था, लेकिन बाद में यह गाना एक ‘कल्ट क्लासिक’ बन गया।

हम बात कर रहे हैं फिल्म ‘वो कौन थी’ (Wo Kaun Thi) के गाने ‘लग जा गले’ (Lag Ja Gale) की। शुरुआत में डायरेक्टर राज खोसला को ‘लग जा गले’ गाना पसंद नहीं आया था। तब म्यूजिक डायरेक्टर मदन मोहन ने पहले फिल्म के स्टार मनोज कुमार को मनाया और फिर मनोज कुमार ने खोसला को राजी किया।

‘राज खोसला: द ऑथराइज़्ड बायोग्राफी’ में ये बात दर्ज है। मनोज कुमार का उसमें एक बयान दर्ज है जिसमें कहा गया,’एक दिन मदन मोहन का फोन आया। उन्होंने कहा, ‘राज खोसला का दिमाग खराब हो गया है।

वह एक बहुत सुंदर गाना रिजेक्ट कर रहे हैं। प्लीज आकर इसे संभालो।’ उस समय तक मनोज कुमार ने वह गाना सुना भी नहीं था इसलिए वो थोड़ा हिचकिचा रहे थे। लेकिन गाना सुनने के बाद उन्होंने इसमें शामिल होने का फैसला किया।

उन्होंने प्रोड्यूसर एन.एन. सिप्पी से बात की, जो मोहन की बात से सहमत थे और फिर उन्होंने खोसला से बात करने का फैसला किया। मनोज कुमार के बार-बार कहने पर राज खोसला उसे दोबारा सुनने के लिए तैयार हो गए, उनकी राय बदल गई। राज खोसला ने माना कि यह अब तक की सबसे बेहतरीन धुनों में से एक थी।

झुंझलाहट में उन्होंने खुद को मारने के लिए अपना जूता उठाया। उन्होंने खुद को बेवकूफ भी कहा। यह पूरा किस्सा डायरेक्टर की ऑटोबायोग्राफी ‘राज खोसला: द ऑथराइज्ड बायोग्राफी’ में बताया गया है, जिसे फिल्म निर्माता की 100वीं जयंती से पहले 20 मई को रिलीज किया गया था।

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