राष्ट्रवाणी: मारुति सुजुकी इंडिया ने विनिर्माण क्षेत्र में कौशल विकास के लिए अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ‘ओसामु सुजुकी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (OSCOE) फाउंडेशन’ के गठन को मंजूरी दी है। मारुति सुजुकी ने OSCOE फाउंडेशन के गठन को मंजूरी दी। मैन्युफेक्चरिंग सेक्टर में कौशल और प्रौद्योगिकी बढ़ाना मुख्य लक्ष्य।
जापानी मैन्युफेक्चरिंग फिलोसफी और सर्वोत्तम परंपराओं को बढ़ावा देगी। नई दिल्ली। देश की दिग्गज कार निर्माता कंपनी, मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने एक अहम एलान किया है।
कंपनी के बोर्ड ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कमर्शियल और टेक्नोलॉजी स्किल्स को बढ़ाने के लिए अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली एक नई सहायक कंपनी ‘ओसामु सुजुकी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (OSCOE) फाउंडेशन’ के गठन को मंजूरी दे दी है। यह फाउंडेशन, कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के तहत एक गैर-लाभकारी कंपनी के रूप में पंजीकृत होगा।
इसका मुख्य उद्देश्य पूरे भारत में जापानी विनिर्माण दर्शन और सर्वोत्तम कार्य-प्रणालियों को बढ़ावा देना है, ताकि कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहलों के माध्यम से इस क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता में योगदान दिया जा सके। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, प्रस्तावित इकाई का नाम ‘ओसामु सुजुकी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (OSCOE) फाउंडेशन’ या रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज द्वारा स्वीकृत कोई अन्य नाम होगा, उसे भारत में निगमित (इनकॉर्पोरेट) किया जाएगा।
इस सहायक कंपनी में मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड की 100% हिस्सेदारी होगी। इसकी शुरुआती चुकता शेयर पूंजी (पेड-अप शेयर कैपिटल) ₹100,000 तय की गई है, जिसे ₹10 अंकित मूल्य (फेस वैल्यू) वाले 10,000 इक्विटी शेयरों में बांटा गया है। इन शेयरों का सब्सक्रिप्शन पूरी तरह से नकद (कैश) में किया जाएगा।
इस फाउंडेशन का उद्देश्य आधुनिक विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) की जरूरतों के अनुरूप व्यावसायिक और तकनीकी क्षमताओं का विकास करना है। इसका विशेष लक्ष्य सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के पूर्व चेयरमैन ओसामु सुजुकी की शिक्षाओं और कार्य-पद्धतियों के साथ-साथ, व्यापक जापानी विनिर्माण संस्कृति का प्रसार करना है।
यह पहल भारत में विनिर्माण उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी कुशल कार्यबल तैयार करने की मारुति सुजुकी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। बता दें कि मारुति सुजुकी ने आज ही अपने दूसरी तिमाही के नतीजे भी जारी किए हैं।
