नयी दिल्ली/मुंबई. पाकिस्तान द्वारा भारतीय विमानों के लिए हवाई क्षेत्र बंद करने से दिल्ली व अन्य उत्तरी शहरों से जाने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अब अपने गंतव्य तक पहुंचने में अधिक समय लगेगा और निकट भविष्य में किराया बढ़ने की भी संभावना है.
एअर इंडिया और इंडिगो ने बृहस्पतिवार को बताया कि पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र बंद होने से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुई हैं.

टाटा समूह के स्वामित्व वाली एअर इंडिया विमानन कंपनी ने बताया कि उत्तरी अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप और पश्चिमी एशिया को जोड़ने वाली उड़ानें अब वैकल्पिक विस्तारित मार्गों से होकर गुजरने की संभावना है. इंडिगो, एअर इंडिया के अलावा एअर इंडिया एक्सप्रेस और स्पाइसजेट भी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करता है. दिल्ली समेत उत्तर भारतीय शहरों से पश्चिम देशों की ओर जाने वाली सभी उड़ानें प्रभावित होंगी. विमानन कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों और पायलटों के अनुसार, उड़ानों के लिए वैकल्पिक मार्ग चुनना होगा, जो अरब सागर के ऊपर से होते हुए लंबा हो जाएगा.

पहलगाम आतंकी हमले के कारण भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर पड़ोसी देश ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह भारतीय विमानों को अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग नहीं करने देगा. एअर इंडिया ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि सभी भारतीय विमानन कंपनियों के लिए पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध की घोषणा के कारण ऐसी संभावना है कि उत्तरी अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप और पश्चिमी एशिया या वहां से आने वाली एअर इंडिया की कुछ उड़ानें वैकल्पिक विस्तारित मार्ग का उपयोग करेंगी.

विमानन कंपनी ने कहा, ह्लएअर इंडिया अप्रत्याशित तरीके से हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण हमारे यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करता है. यह हमारे नियंत्रण से बाहर है. ह्व इंडिगो ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा हवाई क्षेत्र बंद करने की अचानक घोषणा के कारण हमारी कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हो रही हैं.

कंपनी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ह्ल हम समझ सकते हैं कि इससे (हवाई क्षेत्र बंद होने से) असुविधा हो सकती है और हमारी टीमें आपको जल्द से जल्द अपने गंतव्य तक पहुंचने में मदद करने की पूरी कोशिश कर रही हैं.ह्व सूत्रों के मुताबिक, वैकल्पिक मार्गों की वजह से उड़ान की अवधि बढ़ जाएगी और बदले में ईंधन की खपत व परिचालन व्यय बढ़ेगा. सूत्रों ने बताया कि नतीजतन हवाई किराए में वृद्धि होने की संभावना है क्योंकि विमानन कंपनियां यात्रा में आने वाली उच्च लागत को यात्रियों पर डाल सकती हैं.

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