पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान की फौज लगातार नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन कर भारतीय सेना को उकसाने की हरकत करने से बाज नहीं आ रही। भारतीय सेना के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान सेना की चौकियों की गोलीबारी का माकूल जवाब दिया गया। इस अधिकारी के अनुसार, 01-02 मई की रात पाकिस्तान की सेना ने नियंत्रण रेखा के पार जम्मू-कश्मीर के केंद्रशासित प्रदेश के कुपवाड़ा, बारामूला, पुंछ, नौशेरा और अखनूर क्षेत्रों में बिना उकसावे के छोटे हथियारों से गोलीबारी की। 

भारतीय सेना के जवानों ने संयमित और उचित तरीके से दिया जवाब 

भारतीय सेना के जवानों ने संयमित और उचित तरीके से जवाब दिया। भारतीय सेना के अनुसार, 30 अप्रैल और 01 मई की रात को भी पाकिस्तान सेना की चौकियों ने जम्मू और कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश के कुपवाड़ा, उरी और अखनूर के सामने नियंत्रण रेखा के पार बिना उकसावे के छोटे हथियारों से गोलीबारी शुरू की। भारतीय सेना ने तत्काल उचित जवाब दिया। 29-30 अप्रैल की रात भी पाकिस्तान के सैनिकों ने नौशेरा, सुंदरबनी और अखनूर सेक्टरों में छोटे हथियारों से अकारण गोलीबारी कर भारत की सेना को उकसाया। पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी की घटनाएं कश्मीर घाटी के बारामूला और कुपवाड़ा जिलों में एलओसी पर भी सामने आई हैं। जम्मू जिले के परगवाल सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी फायरिंग की गई।

पाकिस्तान एलओसी पर लगातार अकारण गोलीबारी कर रहा है

प्रारंभ में गोलीबारी कुपवाड़ा और बारामूला से शुरू हुई, जो बाद में पुंछ और अखनूर, फिर सुंदरबनी और नौशेरा तक फैल गई। इसके साथ ही परगवाल सेक्टर में भी गोलीबारी की खबरें आईं, जो पिछले सप्ताह के बाद अंतरराष्टीय सीमा पर पहली घटना मानी जा रही है। उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया है। तब से पाकिस्तान एलओसी पर लगातार अकारण गोलीबारी कर रहा है। इसके मद्देनजर सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। इन क्षेत्रों के नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। तनावपूर्ण माहौल के बीच सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है।

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