लखनऊ: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी बुधवार को, पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी के शोक संतप्त परिजनों से मिलने कानपुर जाएंगे। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने मंगलवार को यह जानकारी दी। शुभम द्विवेदी 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए नृशंस आतंकी हमले में मारे गए 26 लोगों में शामिल थे। मृतकों में ज्यादातर पर्यटक थे।

कानपुर के 31 वर्षीय व्यवसायी शुभम द्विवेदी की शादी दो महीने पहले, 12 फरवरी को हुई थी। जब खबर आई कि कश्मीर के पहलगाम में शुभम की उनकी पत्नी के सामने ही गोली मारकर हत्या कर दी गई, तब द्विवेदी परिवार में हड़कंप मच गया।

सीमेंट का कारोबार करने वाली कंपनी चलाने वाले शुभम 16 अप्रैल को अपनी पत्नी और परिवार के नौ अन्य सदस्यों के साथ एक सप्ताह की छुट्टी पर कश्मीर गए थे। उप्र कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने मंगलवार को पीटीआई-भाषा को बताया, “रायबरेली और अमेठी का दौरा पूरा करने के बाद राहुल गांधी कानपुर में शुभम द्विवेदी के परिवार से मिलेंगे।”

राहुल गांधी ने मंगलवार को अपने लोकसभा क्षेत्र रायबरेली और अमेठी का दो दिवसीय दौरा शुरू किया। अमेठी उनका पूर्व निर्वाचन क्षेत्र है, जहां से वह तीन बार सांसद चुने गए थे। इससे पहले मंगलवार को सुबह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर पहलगाम हमले के मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों का संयुक्त सत्र बुलाने की मांग की।

राय ने याद दिलाया कि आतंकी हमले की खबर सुनते ही गांधी मृतकों के परिजनों और घायलों से मिलने कश्मीर गए थे। 23 अप्रैल को शुभम के अंतिम संस्कार में शामिल हुए राय ने कहा, “जब राष्ट्रीय एकता की बात आती है तो कांग्रेस और उसके नेतृत्व ने हमेशा राष्ट्र को सबसे पहले रखा है। राहुल शुभम के परिजनों से मिलकर उनका दुख साझा करने और उन्हें यह भरोसा दिलाने की योजना बना रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी इस समय उनके साथ खड़ी है।”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 23 अप्रैल को शुभम के परिजनों से मिलने कानपुर गए थे। उसके बाद मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि पहलगाम आतंकी हमले के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

मंगलवार को लखनऊ हवाई अड्डे पर विमान से उतरने के बाद गांधी सीधे रायबरेली पहुंचे। वहां उन्होंने सिविल लाइंस चौराहे पर सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का अनावरण करने से पहले लोगों से मुलाक़ात की। गांधी के रायबरेली पहुंचने से पहले कुछ भाजपा पदाधिकारियों ने उनके खिलाफ पोस्टर लगाए थे। इन पोस्टरों में से एक में ह्लतुम जातिवाद से तोड़ोगे, हम राष्ट्रवाद से जोड़ेंगेह्व और एक अन्य पोस्टर में “राहुल गांधी जी, हमारी रायबरेली को जातिवाद में मत उलझाइए” लिखा था।

राहुल गांधी के उप्र दौरे से ठीक पहले, कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल से ‘गायब’ शीर्षक से एक पोस्टर जारी किया गया, जो पहलगाम आतंकी हमले को लेकर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधता हुआ प्रतीत हुआ। इस पोस्टर ने एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया और कई भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के पोस्ट की आलोचना की।

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