राष्ट्रवाणी: How To Remove Yellow Stains From Plastic Containers: प्लास्टिक के डिब्बे आज लगभग हर किचन का हिस्सा हैं. रात का बचा खाना रखना हो, ऑफिस के लिए लंच पैक करना हो या सब्जियां स्टोर करनी हों, इनका इस्तेमाल हर दिन होता है. लेकिन जब इनमें टमाटर की ग्रेवी, हल्दी, करी, चाय या कॉफी जैसी चीजें रखी जाती हैं, तो कई बार इनके अंदर पीले या गहरे रंग के दाग पड़ जाते हैं. दिक्कत तब होती है, जब सामान्य साबुन और पानी से बार-बार धोने के बाद भी ये निशान जाने का नाम नहीं लेते. ऐसे दाग सिर्फ देखने में खराब नहीं लगते, बल्कि कई बार डिब्बे में पुराने खाने की गंध भी रह जाती है. ऐसे में डिब्बे को फेंकने की जरूरत नहीं है. घर में मौजूद कुछ चीजों की मदद से इन जिद्दी दागों को काफी हद तक साफ किया जा सकता है. आइए जानते हैं प्लास्टिक के डिब्बों से पीले दाग हटाने के आसान तरीके. प्लास्टिक के डिब्बों पर लगे जिद्दी दागों को साफ करने के लिए बेकिंग सोडा इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके लिए दाग वाली जगह पर थोड़ा बेकिंग सोडा डालें और उसमें थोड़ी मात्रा में गुनगुना पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें. अब इस पेस्ट को मुलायम स्पंज या कपड़े की मदद से दाग पर लगाकर हल्के हाथों से रगड़ें. जिद्दी दाग पर इसे करीब 15 से 30 मिनट तक लगा रहने दें. इसके बाद डिब्बे को पानी और डिश सोप से अच्छी तरह धो लें. नींबू में मौजूद साइट्रिक एसिड कई तरह के दागों को हल्का करने में मदद कर सकता है. प्लास्टिक के डिब्बे के पीले पड़े हिस्से पर नींबू का रस लगाएं और कुछ देर के लिए छोड़ दें. इसके बाद डिब्बे को अच्छी तरह धो लें. अगर संभव हो, तो साफ किए हुए डिब्बे को कुछ समय के लिए धूप में भी रख सकते हैं. धूप की रोशनी प्लास्टिक पर मौजूद कुछ दागों को हल्का करने में मदद कर सकती है. हालांकि, प्लास्टिक को बहुत देर तक तेज धूप में छोड़ने से बचें. अगर डिब्बे में दाग के साथ बदबू भी रह गई है, तो सफेद सिरका मददगार हो सकता है. इसके लिए डिब्बे में थोड़ी मात्रा में सफेद सिरका डालें और उसमें गुनगुना पानी भर दें. इसे करीब 30 मिनट से 1 घंटे तक भिगोकर रखें. इसके बाद डिश सोप और पानी से डिब्बे को अच्छी तरह धो लें. सिरका सतह पर मौजूद कुछ ग्रीस और गंध को हटाने में मदद कर सकता है. हर दाग के लिए तेज स्क्रबिंग जरूरी नहीं होती. कई बार डिब्बे को कुछ घंटों या रातभर गुनगुने पानी और थोड़े से डिश सोप में भिगोकर रखने से जमे हुए खाने के अवशेष ढीले हो जाते हैं. अगले दिन मुलायम स्पंज से साफ करने पर डिब्बा आसानी से साफ हो सकता है. यह तरीका खासकर उन डिब्बों के लिए काम आ सकता है, जिनमें खाने के अवशेष चिपके हुए हैं. बहुत जिद्दी दाग के मामले में कुछ लोग घरेलू ब्लीच का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसमें अतिरिक्त सावधानी जरूरी है. ब्लीच को सीधे प्लास्टिक पर डालने के बजाय हमेशा उसके लेबल पर दिए निर्देशों के अनुसार ही पतला करें. इसे दूसरे क्लीनिंग प्रोडक्ट्स, खासकर सिरके या अमोनिया वाले प्रोडक्ट्स के साथ कभी न मिलाएं. दस्ताने पहनकर और अच्छी हवा वाली जगह पर ही इसका इस्तेमाल करें. सफाई के बाद डिब्बे को कई बार साफ पानी से अच्छी तरह धोना जरूरी है. अगर डिब्बे में टमाटर या तेल वाली चीजों के दाग हैं, तो अल्कोहल बेस्ड हैंड सैनिटाइजर कुछ सतही दागों को हटाने में मदद कर सकता है. थोड़ी मात्रा में सैनिटाइजर दाग पर लगाकर मुलायम कपड़े या पेपर टॉवल से धीरे-धीरे रगड़ें. कुछ मिनट बाद डिब्बे को अच्छी तरह पानी और डिश सोप से धो लें. इसे इस्तेमाल करने से पहले डिब्बे के निर्माता की सफाई संबंधी सलाह जरूर देखें. आगे से दाग न पड़ें, इसके लिए क्या करें?
अगर आप चाहते हैं कि प्लास्टिक के डिब्बे जल्दी पीले न पड़ें, तो उनमें टमाटर, हल्दी या ज्यादा मसाले वाली चीजें रखने के बाद उन्हें लंबे समय तक बिना धोए न छोड़ें. इस्तेमाल के तुरंत बाद डिब्बे को धोने से दाग जमने की संभावना कम होती है. बहुत ज्यादा रंग छोड़ने वाली चीजों को स्टोर करने के लिए कांच के कंटेनर का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. डिब्बे में गर्म खाना रखने से पहले जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं. लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं. ट्रैवल उनका इंटरेस्ट एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं. We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.
