राष्ट्रवाणी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज का दिन अनेक दृष्टियों से विशेष है। एक ओर सृजन, निर्माण और शिल्प के आराध्य भगवान विश्वकर्मा की जयंती है, वहीं दूसरी ओर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी है। भगवान विश्वकर्मा हमें अपने कौशल, श्रम और सृजन से समाज के निर्माण की प्रेरणा देते हैं और प्रधानमंत्री श्री मोदी का जीवन सेवा, समर्पण तथा राष्ट्र निर्माण के संकल्प का उदाहरण प्रस्तुत करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान के परिश्रम से हमारे अन्न के भंडार भरते हैं और श्रमिक के श्रम से विकास की आधारभूत संरचनाएं आकार लेती हैं। खेत से लेकर कारखाने तक, निर्माण स्थल से लेकर उद्योगों तक हमारे किसान, श्रमिक, कारीगर और शिल्पकार छत्तीसगढ़ की प्रगति के वास्तविक भागीदार हैं। विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प इन्हीं श्रमवीरों के सामर्थ्य, कौशल और परिश्रम से साकार होगा।
राज्य सरकार उनके श्रम के सम्मान के साथ उनके परिवारों के जीवन में समृद्धि, सुरक्षा और खुशहाली लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कार्यक्रम से पहले उन्होंने माता परमेश्वरी, भगवान विश्वकर्मा और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की कामना की।
उन्होंने विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजन, कौशल और निर्माण के प्रतीक हैं। उनका संदेश हमें श्रम को सम्मान देने और अपने कौशल के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देता है। सेवा और जनकल्याण को प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाया शासन का आधार मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों में गरीब, किसान, मजदूर, युवा और महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं।
गरीब परिवारों के लिए पक्का आवास, घर-घर शौचालय, बिजली, नल से जल और जन-धन खातों के माध्यम से बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने जैसी पहलों ने करोड़ों लोगों के जीवन को आसान बनाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प देश के सामने रखा है।
विकसित भारत का यह संकल्प केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य विकास और अवसरों का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तथा देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार ने भी वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का विजन तैयार किया है। हमारा लक्ष्य ऐसा समृद्ध, आत्मनिर्भर और आधुनिक छत्तीसगढ़ बनाना है, जिसमें गांव हो या शहर, किसान हो या श्रमिक, युवा हो या महिला – हर किसी को आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हों।
श्रमिक के जीवन में सुरक्षा और परिवार में खुशहाली हमारा लक्ष्य उन्होंने कहा कि पंजीकृत श्रमिकों के लिए जन्म से लेकर बच्चों की शिक्षा, आजीविका और अन्य आवश्यकताओं तक विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता की व्यवस्था की गई है। सरकार का प्रयास है कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को संसाधनों के अभाव में अपनी प्रतिभा और सपनों से समझौता न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रमिक परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत 200 बच्चों को निजी आवासीय विद्यालयों में पढ़ने का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने श्रमिकों से शासन की योजनाओं का पूरा लाभ लेने के लिए अपना पंजीयन अनिवार्य रूप से कराने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक परिवारों की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी सरकार लगातार कदम उठा रही है। महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान कर उनके लिए स्वरोजगार और नियमित आय का साधन तैयार किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि श्रमिक परिवार केवल सहायता प्राप्त करने वाले परिवार न रहें, बल्कि अवसरों और संसाधनों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनें।
किसानों की समृद्धि से समृद्ध होगा छत्तीसगढ़ उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। किसानों को दो वर्षों का बकाया धान बोनस भी प्रदान किया गया है। खेती के लिए सिंचाई सुविधा का विस्तार करने के उद्देश्य से प्रदेश में बड़े पैमाने पर सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।
सरकार का प्रयास है कि खेतों तक पर्याप्त पानी पहुंचे, खेती की उत्पादकता बढ़े और किसानों की आय में निरंतर वृद्धि हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और श्रमिकों की मेहनत को सम्मान देना ही भगवान विश्वकर्मा के प्रति सच्ची श्रद्धा है। विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण तभी संभव है, जब प्रदेश का अन्नदाता खुशहाल हो और श्रमवीर का परिवार सुरक्षित तथा समृद्ध हो।
माताओं-बहनों की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मिल रही नई शक्ति उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा, कौशल, स्वरोजगार और आजीविका के अवसरों से जोड़कर दीर्घकालीन रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। स्व-सहायता समूहों सहित विभिन्न माध्यमों से महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों का लगातार विस्तार किया जा रहा है।
बीरगांव में ढाई वर्षों में लगभग 175 करोड़ रुपए के विकास कार्य उन्होंने बताया कि बीरगांव नगर निगम क्षेत्र में पिछले ढाई वर्षों में लगभग 175 करोड़ रुपए के विकास कार्य किए गए हैं। इन कार्यों के माध्यम से क्षेत्र की अधोसंरचना मजबूत हो रही है और नागरिक सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी बीरगांव की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को लगातार आगे बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की विकास दृष्टि केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। गांव, कस्बे, छोटे शहर और दूरस्थ जनजातीय अंचल समान रूप से हमारी प्राथमिकता में हैं। प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक अच्छी सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की बुनियादी आवश्यकता है।
बस्तर में शांति के साथ खुल रहे विकास और रोजगार के नए द्वार उन्होंने कहा कि बस्तर प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और वनोपज की दृष्टि से अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र है। पर्यटन और वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देकर इन संभावनाओं को स्थानीय युवाओं के रोजगार और जनजातीय परिवारों की आय वृद्धि से जोड़ने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है।
दूरस्थ क्षेत्रों में अधोसंरचना के विस्तार के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार के नए अवसर भी विकसित किए जा रहे हैं। उत्कृष्ट कार्य करने वाली 76 प्रतिभाओं का सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री श्री साय ने सामाजिक, सांस्कृतिक, कला, साहित्य, समाजसेवा, खेल और विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 76 प्रतिभाओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
उन्होंने सभी सम्मानित प्रतिभाओं को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोग पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी प्रतिभा और उसके योगदान का सम्मान केवल उस व्यक्ति का सम्मान नहीं होता, बल्कि समाज में सकारात्मक कार्य, सृजनशीलता और उत्कृष्टता की संस्कृति को प्रोत्साहित करने का माध्यम भी बनता है।
उन्होंने सम्मानित प्रतिभाओं से इसी ऊर्जा के साथ समाज और प्रदेश की प्रगति में अपना योगदान जारी रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम को कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा तथा रोजगार एवं अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने भी संबोधित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर प्रदेशवासियों से अपने घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की मंगलकामना करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम से पूर्व माता परमेश्वरी मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना कर प्रदेश के सभी श्रमिकों, कारीगरों, शिल्पकारों, तकनीशियनों और निर्माण से जुड़े कर्मयोगियों को विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, किसान, श्रमिक, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे।
