प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्रीलंका के सबसे बड़े नागरिक सम्‍मान से नवाजा गया है. पीएम मोदी ने इस सम्‍मान के लिए श्रीलंका का धन्‍यवाद दिया है.

साथ ही कहा कि ये सिर्फ उनका नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों को सम्‍मान है. पीएम मोदी 3 दिन के श्रीलंका दौरे पर हैं. पीएम मोदी के दौरे के पहले दिन भारत और श्रीलंका के बीच रक्षा और इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर समेत कई समझौते हुए हैं.

श्रीलंका हमारा सिर्फ पड़ोसी देश ही नहीं अच्‍छा मित्र भी’

पीएम मोदी ने इस अवसर पर कहा, ‘भारत का विजन सबका साथ, सबका विकास रहा है. हम सहयोगी देशों को प्राथमिकता देते हैं. श्रीलंका हमारा सिर्फ पड़ोसी देश ही नहीं अच्‍छा मित्र भी है. हम श्रीलंका के कठिन समय में उनके साथ मजबूती से खड़े रहे. आज राष्ट्रपति दिसानायके द्वारा श्रीलंका मित्र विभूषण से सम्मानित किया जाना मेरे लिए गौरव की बात है. ये सम्मान केवल मेरा सम्मान नहीं, बल्कि यह 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है. यह भारत और श्रीलंका के बीच ऐतिहासिक संबंधों और गहरी मित्रता का सम्मान है. भारत के लिए यह गर्व का विषय है कि हमने एक सच्चे पड़ोसी मित्र के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है.’

विजन ‘महासागर’ में श्रीलंका का खास स्‍थान

पीएम मोदी ने भारत और श्रीलंका के मजबूत रिश्‍तों का जिक्र करते हुए कहा, ‘चाहे 2019 का आतंकी हमला हो, कोविड महामारी हो, या हाल में आया आर्थिक संकट, हर कठिन परिस्थिति में, हम श्रीलंका के लोगों के साथ खड़े रहे हैं. हमारी पड़ोसियों को प्राथमिकता (Neighbourhood First policy) और विजन महासागर (Vision ‘MAHASAGAR’), दोनों में श्रीलंका का विशेष स्थान है. भारत ने ‘सबका साथ सबका विकास’ के विजन को अपनाया है.

श्रीलंका को भारत का सहयोग…

हम अपने पार्टनर देशों की प्राथमिकताओं को भी महत्व देते हैं. पिछले 6 महीनों में ही हमने 100 मिलियन डॉलर से अधिक राशि के लोन को ग्रांट में बदला है. भारत और श्रीलंका के बीच सदियों पुराने आध्यात्मिक और आत्मीयता भरे संबंध हैं. मुझे यह बताते हुए अत्यन्त खुशी है कि 1960 में गुजरात के अरावली में मिले भगवान बुद्ध से जुड़ी चीजें श्रीलंका में दर्शन के लिए भेजा जा रहा है.

त्रिंकोमाली के थिरुकोनेश्वरम मंदिर के रिनोवेशन में भारत सहयोग देगा. हमने मछुआरों की आजीविका से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की. हम सहमत हैं कि हमें इस मामले में एक मानवीय अप्रोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए. हमने मछुआरों को तुरंत रिहा किये जाने और उनकी बोट्स को वापस भेजने पर भी बल दिया. भारत और श्रीलंका का संबंध आपसी विश्वास और सद्भावना पर आधारित है.

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