नयी दिल्ली/मास्को/वाशिंगटन/बीजिंग. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा संघर्ष को समाप्त कराने संबंधी योजना का मंगलवार को स्वागत किया, साथ ही कहा कि यह फलस्तीन और इजराइल के लोगों के साथ-साथ पूरे पश्चिम एशियाई क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक शांति, सुरक्षा और विकास का एक व्यवहार्य मार्ग प्रदान करती है.

दरअसल ट्रंप ने इजराइल और हमास के बीच जारी संघर्ष को समाप्त कराने संबंधी एक योजना की घोषणा की और इस दौरान इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी मौजूदे थे. अमेरिकी राष्ट्रपति की घोषणा के बाद ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में मोदी ने आशा व्यक्त की कि ”सभी संबंधित पक्ष राष्ट्रपति ट्रंप की पहल के लिए एकजुट होंगे और संघर्ष को समाप्त करने तथा शांति सुनिश्चित करने के इस प्रयास का समर्थन करेंगे.” ट्रंप और नेतन्याहू ने सोमवार को कहा कि वे गाजा में युद्ध समाप्त करने की योजना पर सहमत हो गए हैं लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि हमास इन शर्तों को स्वीकार करेगा या नहीं.

मोदी ने अपने पोस्ट में कहा, ”हम गाजा में संघर्ष को समाप्त कराने संबंधी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप की एक व्यापक योजना की घोषणा का स्वागत करते हैं. यह फलस्तीनी और इजराइली लोगों के साथ-साथ व्यापक पश्चिम एशियाई क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक और स्थायी शांति, सुरक्षा और विकास का एक व्यवहार्य मार्ग प्रदान करती है.”

गाजा युद्ध समाप्त करने के लिए यह है ट्रंप की योजना

व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस प्रस्तावित योजना को जारी किया है, जिसके माध्यम से गाजा में जारी इज.राइल-हमास युद्ध को समाप्त करने का प्रयास किया गया है. सोमवार को व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस योजना का समर्थन किया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि हमास इस योजना को स्वीकार करेगा या नहीं.

ट्रंप की योजना के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं :

(1) गाजा को कट्टरपंथ से मुक्त और आतंकवाद-मुक्त क्षेत्र बनाया जाएगा, जो अपने पड़ोसियों के लिए कोई खतरा नहीं होगा.
(2) गाजा का पुर्निनर्माण वहां के नागरिकों के हित में किया जाएगा, जिन्होंने लंबे समय से पीड़ा सही है.
(3) दोनों पक्षों की सहमति पर युद्ध तत्काल समाप्त होगा; इज.राइली सेना पीछे हटेगी और बंधकों की रिहाई की तैयारी की जाएगी. इस दौरान सभी सैन्य गतिविधियां स्थगित रहेंगी.
(4) इज.राइल द्वारा समझौता सार्वजनिक रूप से स्वीकार किए जाने के 72 घंटे के भीतर सभी बंधकों – जीवित और मृत – को वापस किया जाएगा.
(5) सभी बंधकों की रिहाई के बाद, इज.राइल आजीवन कारावास की सजा काट रहे 250 कैदियों और 1,700 गाजा वासियों को रिहा करेगा, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल होंगे. मृत इज.राइली बंधकों के बदले मृत गाजावासियों के शव भी लौटाए जाएंगे. प्रत्येक इजराइली बंधक के अवशेष की रिहाई के बदले, इजराइल 15 मृत गाजावासियों के अवशेष जारी करेगा.
(6) जो हमास सदस्य शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को स्वीकार करेंगे और अपने हथियार त्यागेंगे, उन्हें माफी दी जाएगी. जो सदस्य गाजा छोड़ना चाहेंगे, उन्हें सुरक्षित निकासी दी जाएगी.
(7) समझौते के तहत गाजा में तुरंत पूर्ण मानवीय सहायता भेजी जाएगी, जिसमें आधारभूत ढांचे का पुर्निनर्माण भी शामिल होगा.
(8) सहायता का वितरण संयुक्त राष्ट्र, रेड क्रीसेंट और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की निगरानी में होगा. राफा क्रॉसिंग को खोलने का निर्णय 19 जनवरी 2025 के समझौते के तहत तय तंत्र के अनुसार होगा.
(9) गाजा का प्रशासन एक अस्थायी, तकनीकी और गैर-राजनीतिक फ.लस्तीनी समिति को सौंपा जाएगा, जिसकी निगरानी ह्लबोर्ड ऑफ पीसह्व करेगा. इस निकाय के अध्यक्ष राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप होंगे और इसमें पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर सहित अन्य वैश्विक नेता सदस्य बनाए जाएंगे.
(10) गाजा के पुर्निनर्माण और आर्थिक विकास के लिए एक विशेष योजना बनाई जाएगी, जिसमें पश्चिम एशिया की आधुनिक शहर परियोजनाओं में योगदान देने वाले विशेषज्ञ शामिल होंगे.
(11) एक विशेष आर्थिक क्षेत्र की स्थापना की जाएगी जिसमें व्यापारिक रियायतें और विशेष शुल्क दरें निर्धारित की जाएंगी.
(12) किसी को गाजा छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा, और जो लोग जाना या लौटना चाहें, उन्हें स्वतंत्रता दी जाएगी.
(13) हमास और अन्य गुटों को गाजा के शासन में किसी भी प्रकार की भागीदारी की अनुमति नहीं होगी. पूरे क्षेत्र का पूर्ण निरस्त्रीकरण स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की निगरानी में किया जाएगा.
(14) क्षेत्रीय साझेदार गारंटी देंगे कि हमास और अन्य गुट इस समझौते का उल्लंघन नहीं करेंगे और गाजा किसी के लिए खतरा नहीं बनेगा.
(15) अमेरिका, अरब देशों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर गाजा में एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (आईएसएफ) तैनात करेगा, जो स्थानीय फ.लस्तीनी पुलिस बलों को प्रशिक्षित करेगा और सुरक्षा बनाए रखेगा.
(16) इज.राइल गाजा पर कब्ज.ा नहीं करेगा और न ही उसे अपना हिस्सा बनाएगा. आईएसएफ द्वारा स्थिरता सुनिश्चित किए जाने के बाद, इजराइली रक्षा बल (आईडीएफ) चरणबद्ध रूप से क्षेत्र से हटेंगे, सिवाय उन सीमावर्ती इलाकों के जो अंतिम सुरक्षा सुनिश्चित होने तक नियंत्रण में रहेंगे.
(17) यदि हमास इस प्रस्ताव को अस्वीकार करता है, तो सहायता और अन्य उपाय उन क्षेत्रों में लागू किए जाएंगे जिन्हें आईडीएफ ने आईएसएफ को सौंप दिया है.
(18) शांति, सह-अस्तित्व और सहिष्णुता पर आधारित एक अंतरधार्मिक संवाद प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
(19) यदि गाजा का पुर्निवकास सफलतापूर्वक होता है और फ.लस्तीनी प्राधिकरण अपने सुधार कार्यक्रमों को लागू करता है, तो फ.लस्तीनी आत्म-निर्णय और राज्य की ओर एक विश्वसनीय मार्ग प्रशस्त हो सकता है.
(20) अमेरिका, इज.राइल और फ.लस्तीनियों के बीच एक राजनीतिक संवाद की शुरुआत करेगा, जिससे शांतिपूर्ण और समृद्ध सह-अस्तित्व की दिशा में रास्ता खोला जा सके.

चीन ने गाजा में युद्ध समाप्त करने की ट्रंप की शांति योजना का स्वागत किया

चीन ने मंगलवार को गाजा में युद्ध समाप्त करने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना का समर्थन किया जिसमें शत्रुता को तत्काल समाप्त करना और हमास द्वारा बंधक बनाए गए 20 जीवित इजराइली बंधकों को रिहा करना शामिल है. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने नई 20-सूत्री योजना के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, ”फलस्तीन और इजराइल के बीच तनाव कम करने के सभी प्रयासों का चीन स्वागत और समर्थन करता है.” प्रवक्ता ने कहा कि चीन सभी संबंधित पक्षों से संयुक्त राष्ट्र के प्रासंगिक प्रस्तावों को ईमानदारी से लागू करने, गाजा में तत्काल और व्यापक युद्धविराम लागू करने, सभी बंदियों को रिहा करने और स्थानीय मानवीय संकट को तत्काल कम करने का आह्वान करता है.

रूस ने गाजा में युद्ध समाप्त करने के लिए ट्रंप के प्रयास का समर्थन किया

रूस ने मंगलवार को कहा कि वह गाजा में शांति बहाल करने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के किसी भी प्रयास का स्वागत और समर्थन करता है.  रूसी सत्ता प्रतिष्ठान ‘क्रेमलिन’ के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने ट्रंप की शांति योजना के बारे में रूस के विचार के बारे में पूछे जाने पर संवाददाताओं से कहा, ”रूस हमेशा ट्रंप द्वारा किए गए ऐसे किसी भी प्रयास का समर्थन और स्वागत करता है जिसका उद्देश्य वर्तमान में घटित हो रही त्रासदी को रोकना है.” पेस्कोव ने कहा, “हम चाहते हैं कि इस योजना को लागू किया जाए, ताकि यह मध्य पूर्व में घटनाओं को शांतिपूर्ण दिशा में लाने में मदद कर सके.”

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