बरेली. पत्नी के झूठे आरोपों, थाने में कथित पिटाई और सामाजिक अपमान से व्यथित होकर 24 वर्षीय एक व्यक्ति राज आर्य ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस क्षेत्राधिकारी अजय कुमार ने बताया कि बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र की मुंशी नगर कॉलोनी में बुधवार शाम राज आर्य ने अपनी मां से कहा कि वह हमेशा के लिए सोने जा रहा है. मां उसकी बात समझ नहीं सकीं, लेकिन कुछ ही बाद जब उन्होंने कमरे में झांका, तो राज पंखे से लटका हुआ था.

राज के परिजनों के मुताबिक, इस घटना से एक दिन पहले मंगलवार को राज आर्य की पत्नी सिमरन ने सोशल मीडिया पर स्टेटस डाला था जिसने राज को परेशान कर दिया था. उसने लिखा था, “मैंने अपने पति पर केस कर दिया है. वो साढ़े दस बजे तक जेल में होगा. बेस्ट ऑफ लकङ्घ अब तू जा जेल.” इसके कुछ ही देर बाद सिमरन ने महिला थाने में पति और ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा दिया.

राज के पिता मनीष बाबू का आरोप है कि उनकी बहू सिमरन का भाई सागर पुलिस कांस्टेबल है और उसी ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर राज, उसकी मां और पिता को थाने बुलवाया. मनीष बाबू ने कहा कि उसके बाद थाने में पुलिस ने उनके बेटे की बेरहमी से पिटाई की, खुद उन्हें गिरेबान से पकड़कर मारा गया और अपमानित किया गया.

राज आर्य ने अप्रैल, 2024 में शाहजहांपुर की 23 वर्षीय सिमरन से प्रेम विवाह किया था. उस समय दोनों एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे. कुछ समय पहले राज की नौकरी छूट गई थी और डेढ़ महीने पहले वह एक बेटी का पिता बना था. राज के परिजनों ने बताया कि कुछ समय से राज और सिमरन के बीच विवाद होने लगा था और 10 दिन पहले झगड़ा इतना बढ़ा कि सिमरन मायके चली गई. बुधवार सुबह उसने इंस्टाग्राम पर दो स्टेटस लगाए और पोस्ट डाली. परिजनों का कहना है कि पत्नी के उत्पीड़न से परेशान होकर राज ने आत्महत्या की है. पुलिस ने राज के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. परिजनों की तहरीर पर विधिक कार्रवाई की जाएगी.

राष्ट्रवाणी एक डिजिटल समाचार एवं जनचर्चा मंच है, जिसका उद्देश्य विश्वसनीय पत्रकारिता, सार्थक राष्ट्रीय विमर्श और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली तरीके से समाज के सामने प्रस्तुत करना है।

हम मानते हैं कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत बनाने और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक सोच विकसित करने का दायित्व भी है। “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ राष्ट्रवाणी देश, समाज, शासन, अर्थव्यवस्था, कृषि, तकनीक, संस्कृति और जनसरोकारों से जुड़े विषयों को गहराई और तथ्यात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.
Exit mobile version