मुंबई. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राज्यसभा के लिए नामित चार सदस्यों में शामिल जाने-माने वकील उज्ज्वल निकम ने रविवार को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें यह खबर देने के लिए फोन किया और उनसे मराठी में बात की. निकम ने संवाददाताओं से कहा, ”मोदी जी बहुत अच्छी मराठी बोलते हैं. वह महाराष्ट्र में अपने कुछ भाषणों की शुरुआत मराठी से करते हैं और फिर हिंदी में बोलते हैं.” निकम ने कहा, ”जब मुझे रात आठ बजकर 44 मिनट पर उनका फोन आया और ऑपरेटर ने मुझे उनसे जोड़ा, तो प्रधानमंत्री ने मराठी में पूछा, ”उज्ज्वल जी मी मराठित बोलू का हिंदी बोलू (मैं मराठी में बात करुं या हिंदी में).”
उन्होंने कहा, ”मैंने उनसे कहा कि उनकी दोनों भाषाओं पर अच्छी पकड़ है. उन्होंने मुझे बताया कि राष्ट्रपति मुझे कुछ जिम्मेदारी सौंपना चाहती हैं और पूछा कि क्या मैं इसे स्वीकार करने के लिए तैयार हूं. फिर उन्होंने मराठी में अपनी बात जारी रखी.” उन्होंने कहा कि राज्यसभा के लिए उनका नामांकन कानून के क्षेत्र में उनके दशकों के किए काम का परिणाम है.
उन्होंने कहा, ”लोकसभा चुनावों के दौरान भी भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) ने मुझ पर भरोसा दिखाया था. अब राज्यसभा के मनोनीत सदस्य के रूप में मुझे और बड़ी जिम्मेदारी दी गई है.” निकम ने 2024 में भाजपा उम्मीदवार के रूप में अपना पहला लोकसभा चुनाव लड़ा था लेकिन वह जीत नहीं सके थे.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार देर रात जारी एक अधिसूचना में बताया कि राष्ट्रपति ने पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला, 26/11 मुंबई आतंकवादी हमलों के मामले में विशेष लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम, केरल के भाजपा नेता सी सदानंदन मास्टर और इतिहासकार मीनाक्षी जैन को राज्यसभा के लिए नामित किया है.
