संयुक्त राष्ट्र: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के एक प्रोफेसर को कृत्रिम मेधा (एआई) पर गठित नए स्वतंत्र वैज्ञानिक पैनल में सेवा देने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस द्वारा अनुशंसित 40 वैश्विक प्रतिष्ठित विशेषज्ञों के समूह में शामिल किया गया है। गुतारेस ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के विचारार्थ कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर नए स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक समिति में नियुक्ति के वास्ते प्रत्येक क्षेत्र से 40 प्रतिष्ठित व्यक्तियों की सूची प्रस्तुत की।

इस सूची में बालारमन रंिवद्रन भी शामिल हैं जो आईआईटी मद्रास में डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग (डीएसएआई), वधवानी स्कूल आॅफ डेटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (डब्ल्यूएसएआई), रॉबर्ट बॉश सेंटर फॉर डेटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (आरबीसीडीएसएआई) और सेंटर फॉर रिस्पॉन्सिबल एआई (सीईआरएआई) के प्रमुख हैं।

रंिवद्रन की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने यूनिर्विसटी आॅफ मैसाचुसेट्स, एमहर्स्ट से पीएचडी और इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ साइंस, बेंगलुरु से मास्टर डिग्री प्राप्त की है। वह एसोसिएशन फॉर द एडवांसमेंट आॅफ एआई (एएएआई) और इंडियन नेशनल एकेडमी आॅफ इंजीनियंिरग (आईएनएई) के निर्वाचित ‘फेलो’ हैं।

गुतारेस ने बुधवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा,”हम यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता पूरी मानवता की सेवा करे। मैंने अभी-अभी महासभा के विचारार्थ कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर नयी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक समिति में सेवा देने के लिए प्रत्येक क्षेत्र से 40 प्रतिष्ठित व्यक्तियों की सूची प्रस्तुत की है।”

महासचिव के प्रौद्योगिकी संबंधी विशेष दूत अमनदीप ंिसह गिल इसमें समन्वय करेंगे। गिल ने कहा कि उम्मीदवारों को उनकी ”उत्कृष्ट विशेषज्ञता” के आधार पर सूचीबद्ध किया गया है। समिति में लैंगिक संतुलन पर प्रकाश डालते हुए गिल ने कहा कि इस समूह में 19 महिलाएं और 21 पुरुष शामिल हैं, ”सभी उत्कृष्ट व्यक्ति हैं जिनकी विशेषज्ञता विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त है”।

इस समिति में नामित विशेषज्ञ इथियोपिया, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, कनाडा, मैक्सिको, मिस्र, ईरान, दक्षिण कोरिया, फिनलैंड, ब्रिटेन, आॅस्ट्रेलिया, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, जापान, रूस, जर्मनी, इजराइल, इटली और चीन से हैं। फिलीपीन में जन्मीं पत्रकार और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता अमेरिकी मारिया रेसा एवं अमेरिका के प्रोफेसर विपिन कुमार समिति के सदस्यों में शामिल हैं।



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