राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, राजनांदगांव। पवित्र सावन माह के शुरू होते ही छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव शहर के सराफा बाजार में भगवान शिव से जुड़ी धार्मिक और ज्योतिषीय वस्तुओं की खरीद-फरोख्त में तेजी देखने को मिल रही है। इस दौरान चांदी के नाग-नागिन के जोड़ों के अलावा बिल्वपत्र, त्रिशूल, त्रिपुंड, चंद्रमा और तिलक जैसे शिव श्रृंगार के विभिन्न प्रतीकों की बिक्री में इजाफा हुआ है। आगामी 17 अगस्त को आने वाली नागपंचमी को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं ने कालसर्प दोष निवारण अनुष्ठानों के लिए अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं, जिससे बाजार में रौनक बढ़ गई है। स्थानीय सराफा व्यापारी पारस सोनी के अनुसार, इस वर्ष नागपंचमी के अवसर पर सबसे अधिक मांग पांच से 10 ग्राम वजन वाले चांदी के नाग-नागिन के जोड़ों की बनी हुई है। हालांकि इस बार बाजार में चांदी के दाम बढ़े हुए हैं, लेकिन इसका असर श्रद्धालुओं की आस्था पर बिल्कुल भी नजर नहीं आ रहा है। पिछले साल जो चांदी का नाग-नागिन का जोड़ा लगभग 700 से 1000 रुपये में मिल जाता था, उसकी कीमत बढ़कर अब करीब 1600 से 2250 रुपये तक पहुंच चुकी है। इसके बावजूद, अधिक वजन वाले और आकर्षक जोड़े संपन्न वर्ग के ग्राहकों की पहली पसंद बने हुए हैं। इस बार बाजार में ग्राहकों की जेब का ध्यान रखते हुए कम वजन वाले नाग-नागिन के जोड़ों की संख्या भी अधिक रखी गई है। वर्तमान में बाजार में लगभग 40 तरह के अलग-अलग आकर्षक डिजाइन उपलब्ध हैं, जिन्हें ग्राहक पसंद कर रहे हैं। इन जोड़ों के अतिरिक्त, नागाकार अंगूठियों की मांग में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कई ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार विशेष डिजाइन वाली अंगूठियों के ऑर्डर देकर उनका निर्माण भी करवा रहे हैं। सावन के इस पवित्र महीने में केवल चांदी ही नहीं, बल्कि तांबे और पीतल से बने त्रिशूलों की बिक्री भी तेज हो गई है। श्रद्धालु इन त्रिशूलों को अपने घरों में शिव प्रतिमा या शिवलिंग के समीप स्थापित कर रहे हैं। इसके साथ ही चांदी के चंद्रमा, त्रिपुंड, तिलक और धातु के बिल्वपत्र जैसे शिव श्रृंगार के तमाम प्रतीक भी बाजार की शोभा बढ़ा रहे हैं। पंडित विवेक मिश्रा (नया ढाबा शिव-हनुमान मंदिर) का कहना है कि नागपंचमी पर होने वाले कालसर्प दोष निवारण अनुष्ठानों को लेकर लोगों में रुचि है, जिसके लिए आवश्यक पूजन सामग्री की खरीदारी अभी से जोरों पर चल रही है।

राष्ट्रवाणी एक डिजिटल समाचार एवं जनचर्चा मंच है, जिसका उद्देश्य विश्वसनीय पत्रकारिता, सार्थक राष्ट्रीय विमर्श और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली तरीके से समाज के सामने प्रस्तुत करना है।

हम मानते हैं कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत बनाने और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक सोच विकसित करने का दायित्व भी है। “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ राष्ट्रवाणी देश, समाज, शासन, अर्थव्यवस्था, कृषि, तकनीक, संस्कृति और जनसरोकारों से जुड़े विषयों को गहराई और तथ्यात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.
Exit mobile version