राष्ट्रवाणी: What Is Shamonda Virus Symptoms And Transmission: फ्रांस में शमोंडा वायरस से इंसान के इंफेक्टेड होने का पहला मामला सामने आने के बाद इस वायरस को लेकर चिंता बढ़ गई है. फ्रांस में एक ऐसे मरीज में इंफेक्शन की पुष्टि हुई थी, जिसकी इम्यूनिटी काफी कमजोर थी. मरीज की अक्टूबर की शुरुआत में मौत हो गई. इस मामले ने खासतौर पर उन देशों में जानवरों से इंसानों में फैलने वाले इंफेक्शन पर नजर रखने की जरूरत को सामने रखा है, जहां पशुओं की संख्या काफी ज्यादा है. भारत भी ऐसे देशों में शामिल है. हालांकि, फ्रांस में सामने आए इस मामले की परिस्थितियों की अभी जांच चल रही है. एक्सपर्ट का कहना है कि यह मामला पशुओं में होने वाले इंफेक्शन पर नजर रखने, बीमारी फैलाने वाले कीड़ों की पहचान करने और इंसानों तथा जानवरों में बीमारी के असामान्य पैटर्न की जांच की जरूरत को भी दिखाता है. भारत में दुनिया की सबसे बड़ी पशुधन आबादी में से एक है और यहां कई तरह के खून चूसने वाले कीड़े भी पाए जाते हैं. इनमें क्यूलिकोइड्स मिज भी शामिल हैं, जो पशुओं में कई तरह के रोग फैलाने के लिए जाने जाते हैं. हालांकि, भारत में इन कीड़ों की मौजूदगी और पशुधन की बड़ी संख्या को अपने आप में शमोंडा वायरस के इंफेक्शन का खतरा साबित नहीं माना जा सकता. भारत की बड़ी जानवरों की आबादी, निगरानी के लिए चुनौती भारत का पशुधन क्षेत्र लाखों परिवारों की आजीविका से जुड़ा है. डेयरी, मांस और इससे जुड़े कृषि कारोबार में पशुओं की बड़ी भूमिका है. इसलिए पशुओं में होने वाली बीमारियों पर नजर रखना केवल कृषि उत्पादन के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि इससे ऐसे इंफेक्शन का भी समय पर पता लगाया जा सकता है, जिनका असर इंसानों की सेहत पर पड़ सकता है. 2019 में हुई 20वीं जानवरों की गिनती के मुताबिक, भारत में करीब 53.58 करोड़ पशुधन थे. इनमें करीब 19.25 करोड़ मवेशी, 10.99 करोड़ भैंस, 7.43 करोड़ भेड़ और 14.89 करोड़ बकरियां शामिल थीं. स्वास्थ्य एक्सपर्ट और बिहार के भोजपुर क्षेत्र में ग्रामीणों के बीच सक्रिय डॉ. नवनीत कश्यप इन आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए कहते हैं कि वेटरनरी अधिकारियों के सामने पुराने और नए इंफेक्शन पर नजर रखने का बहुत बड़ा काम है. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ पशुओं की संख्या ज्यादा होने से शमोंडा वायरस का खतरा बढ़ा हुआ नहीं माना जा सकता. उनके मुताबिक, फ्रांस में सामने आए मामले से यह बात जरूर सामने आती है कि जानवरों में बीमारी के असामान्य पैटर्न की जांच करना जरूरी है. साथ ही शमोंडा वायरस ऑर्थोबुन्यावायरस समूह का एक वायरस है और सिम्बू सीरोग्रुप से संबंधित है. यह मुख्य रूप से पशुओं, खासकर मवेशियों से जुड़ा माना जाता है. इसके फैलने का तरीका खून चूसने वाले कीड़ों से जुड़ा है, जिनमें क्यूलिकोइड्स मिज भी शामिल हैं. पशुओं में इस वायरस से जुड़े इंफेक्शन के दौरान बुखार, दस्त, दूध उत्पादन में कमी और बच्चे पैदा करने से जुड़ी परेशानियां जैसी समस्याएं देखी जा सकती हैं. हालांकि, ये लक्षण केवल शमोंडा वायरस के इंफेक्शन में ही नहीं होते. कई दूसरी पशु बीमारियों में भी इसी तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं. डॉ. कश्यप के मुताबिक, किसी संदिग्ध इंफेक्शन की वजह पता लगाने के लिए लैब टेस्ट और बीमारी के फैलने से जुड़ी जांच जरूरी होती है. केवल लक्षणों के आधार पर यह पुष्टि नहीं की जा सकती कि किसी खास वायरस का इंफेक्शन हुआ है. किसी इंसान में वायरस का इंफेक्शन मिलना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि वह वायरस इंसानों के बीच आसानी से फैल सकता है. फ्रांस के मरीज को इंफेक्शन किस रास्ते से हुआ और उसकी मौत में वायरस की क्या भूमिका थी, इन दोनों सवालों की अभी सावधानी से जांच की जरूरत है. क्यूलिकोइड्स बेहद छोटे खून चूसने वाले कीड़े होते हैं, जो दुनिया के कई हिस्सों में पाए जाते हैं. भारत में भी इनकी कई प्रजातियां मौजूद हैं. इनकी गतिविधि और संख्या पर तापमान, नमी, बारिश और प्रजनन के लिए उपलब्ध जगह जैसे मौसम से जुड़े कारणों का असर पड़ सकता है. क्यूलिकोइड्स की कुछ प्रजातियां पशुओं में फैलने वाली बीमारियों के इंफेक्शन में भूमिका निभाती हैं. इनमें ब्लूटंग वायरस और सिम्बू समूह से जुड़े कुछ वायरस शामिल हैं. हालांकि, भारत में इन कीड़ों का पाया जाना इस बात का सबूत नहीं है कि वे शमोंडा वायरस भी फैला रहे हैं. Check out below Health Tools-Calculate Your Body Mass Index ( BMI ) Calculate The Age Through Age Calculator सोनम एबीपी लाइव में कंटेंट राइटर हैं. यहां वह लाइफस्टाइल कैटिगरी और इसके अंतर्गत आने वाली सब-कैटिगरीज हेल्थ, होम टिप्स, रिलेशनशिप, ट्रैवल, पैरेंटिंग, ब्यूटी और फैशन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. सोनम करीब 15 साल से लेखन की दुनिया में कार्यरत हैं. इससे पहले वह , के आईनेक्स्ट में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं. इन सभी जगहों पर उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं. सोनम ने लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन किया है. We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.
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