रायपुर. छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी)/आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) ने बृहस्पतिवार को राज्य के सुकमा जिले में कथित तेंदूपत्ता पारिश्रमिक गबन मामले में भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के एक अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. उप निदेशक (अभियोजन) मिथलेश वर्मा ने बताया कि जांच एजेंसी ने आईएफएस अधिकारी अशोक कुमार पटेल को गिरफ्तार किया तथा रायपुर की एक अदालत ने उसे 23 अप्रैल तक एसीबी/ईओडब्ल्यू की हिरासत में भेज दिया है.
इस महीने की शुरुआत में एसीबी/ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज मामले में यह पहली गिरफ्तारी है.

वर्मा ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद पटेल को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) नीरज शर्मा की अदालत में पेश किया गया. एजेंसी ने 30 अप्रैल तक रिमांड की मांग की थी, लेकिन अदालत ने 23 अप्रैल तक की रिमांड मंजूर की. पटेल के अधिवक्ता प्रशांत बाजपेयी ने कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ पहले आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया था और जब उसमें कोई सबूत नहीं मिला तो उन्हें निराधार अपराध में गिरफ्तार कर लिया गया.

एसीबी/ईओडब्ल्यू ने जानकारी दी थी कि सुकमा वन मंडल के तत्कालीन वन मंडल अधिकारी (डीएफओ) पटेल ने कथित तौर पर अपने पद का दुरुपयोग किया और वन विभाग के अधिकारियों तथा सुकमा में विभिन्न प्राथमिक लघु वनोपज समितियों के प्रबंधकों तथा पदाधिकारियों के साथ मिलीभगत कर लगभग सात करोड़ रुपये का बड़ा हिस्सा हड़प लिया, जो वर्ष 2021 और 2022 के लिए तेंदूपत्ता संग्राहकों को पारिश्रमिक के रूप में वितरित किया जाना था.

एसीबी के अनुसार गबन की गई राशि का एक हिस्सा कथित तौर पर कुछ निजी व्यक्तियों को भी दिया गया था. हाल ही में पटेल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज किया गया था और उन्हें निलंबित कर दिया गया था. एसीबी और ईओडब्ल्यू ने 10 अप्रैल को इस मामले में छापेमारी के बाद सुकमा जिले में वन विभाग के एक कर्मचारी के परिसर से 26.63 लाख रुपये जब्त किए थे.

एसीबी/ईओडब्ल्यू ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व विधायक मनीष कुंजाम, डीएफओ कार्यालय सुकमा के कर्मचारी राजशेखर पुराणिक और सुकमा में प्राथमिक लघु वनोपज समितियों के प्रबंधकों के 12 परिसरों में छापे की कार्रवाई की थी. अधिकारियों ने पहले बताया था कि तलाशी के दौरान, पुराणिक के आवास से 26,63,700 रुपये जब्त किए गए थे. उन्होंने बताया कि छापे के दौरान मामले से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कई बैंक खाते और निवेश से संबंधित दस्तावेज भी बरामद किए गए.

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