रायपुर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को कहा कि छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का काम अंतिम और निर्णायक दौर में पहुंच गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य जल्द ही इस बुराई से मुक्ति पा लेगा।

छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती वर्ष समारोह के दौरान सदन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने लोकतांत्रिक परंपराओं के उच्चतम मानदंड स्थापित किए हैं तथा बेहतरीन संसदीय आचरण का अनूठा उदाहरण पेश किया है।

उन्होंने इस बात की भी सराहना की कि राज्य विधानसभा में 19 महिला सदस्य हैं और 2023 के विधानसभा चुनाव में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक थी। राष्ट्रपति ने कहा कि सभी विधायकों को प्रयास करना चाहिए कि अगली विधानसभा में महिला सदस्यों की संख्या बढ़े।

मुर्मू ने कहा, ”वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का काम अंतिम और निर्णायक दौर में पहुंच गया है। मुझे बताया गया है कि छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र के लोग विकास के मार्गों पर आगे बढ़ना चाहते हैं।”

उन्होंने कहा, ”मुझे विश्वास है कि छत्तीसगढ़ को उग्रवाद से पूर्णत: मुक्त करने के प्रयास में आप सब शीघ्र ही सफलता प्राप्त करेंगे और राज्य के इतिहास में एक र्स्विणम अध्याय जोड़ेंगे।” मुर्मू ने कहा, ”इस सदन में 19 महिला विधायक हैं।

2023 विधानसभा चुनाव में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक थी। इस प्रकार, इस सदन को छत्तीसगढ़ की माताओं, बहनों और बेटियों का विशेष समर्थन प्राप्त हुआ है। मैं विधायक बहनों से अनुरोध करती हूं कि वे जीवन के हर क्षेत्र में काम करने वाली सभी बहनों को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा तत्पर रहें। जब सभी महिलाएं राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाली अन्य महिलाओं को बढ़ावा देंगी, तो पुरुषों का भी ध्यान जाएगा तथा उनके विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।

चाहे वह शिक्षिका हो, अधिकारी हो, समाजसेवी हो या उद्यमी, वैज्ञानिक हो या कलाकार, मजदूर हो या किसान।” उन्होंने कहा, ”हमारी बहनें अपने रोजमर्रा के घरेलू कामों को पूरा करते हुए कठिन संघर्ष करके बाहरी दुनिया में अपनी जगह बनाती हैं। जब सभी बहनें एक-दूसरे को सशक्त बनाएंगी, तो हमारा समाज और भी मजबूत तथा संवेदनशील बनेगा।

मुर्मू ने कहा कि सदन में सभी विधायकों, खासकर महिला सदस्यों को अगली विधानसभा में महिला सदस्यों की संख्या बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए।” राष्ट्रपति ने इस बात पर खुशी जताई कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के 25 साल के इतिहास में सदन में कभी मार्शल का इस्तेमाल नहीं किया गया।

राज्यपाल रमेन डेका, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष रमन ंिसह ने भी विधायकों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विपक्ष के नेता चरणदास महंत ने राष्ट्रपति का स्वागत किया और आभार जताया।

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