राष्ट्रवाणी: इंडक्शन गीजर एक नई तकनीक है जो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन से पानी गर्म करती है, जिससे बिजली की बचत होती है। …और पढ़ें क्या है इंडक्शन गीजर? जिससे पानी जल्दी गर्म करने के साथ होगी बिजली की बचत, करंट का भी खतरा कम जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली।
जल्द ही सर्दियां आने वाली हैं और ऐसे में सर्दियों के दौरान गर्म पानी के लिए ज्यादातर घरों में इलेक्ट्रिक गीजर का यूज होगा। इनमें आमतौर पर हीटिंग एलिमेंट पानी के कॉन्टैक्ट में रहकर उसे गर्म करता है, लेकिन अब मार्केट में वॉटर हीटर वर्ल्ड में इंडक्शन टेक्नोलॉजी भी आ गई है। जी हां, इंडक्शन गीजर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन की मदद से पानी को गर्म करता है।
साथ ही इसमें ट्रेडिशनल हीटिंग रॉड का भी यूज नहीं होता। चलिए पहले जानते हैं कि ये इंडक्शन गीजर क्या होता है… इंडक्शन गीजर को आसान भाषा में समझें तो ये कुछ हद तक इंडक्शन चूल्हे की तरह ही वर्क करता है। दरअसल इसमें कॉइल के जरिए मैग्नेटिक फील्ड बनती है।
इस प्रोसेस से हीटिंग सिस्टम हीट होता है और उसकी गर्मी पानी तक पहुंच जाती है। इसका मतलब है कि पानी गर्म करने के लिए ट्रेडिशनल तरीके से इलेक्ट्रिक रॉड को सीधे पानी में डुबोने की जरूरत नहीं पड़ती। इस सिस्टम में नॉर्मल्ली जनरेटर यूनिट और वॉटर स्टोरेज टैंक जैसे हिस्से होते हैं।
डिजाइन के हिसाब से इसमें टेम्परेचर और पानी के फ्लो को भी कंट्रोल किया जा सकता है। नॉर्मल गीजर से ये काफी अलग होते हैं। जहां ट्रेडिशनल इलेक्ट्रिक गीजर में हीटिंग एलिमेंट लगातार पानी के कॉन्टैक्ट में रहकर पानी गर्म करता है।
यहां तक की पानी में मौजूद खनिजों की वजह से वक्त के साथ एलिमेंट पर स्केल भी जम जाता है, जबकि इंडक्शन सिस्टम में हीटिंग का तरीका काफी अलग है। इंडक्शन गीजर में पानी के कॉन्टेक्ट में इलेक्ट्रिक हीटिंग एलिमेंट नहीं होता। इसलिए सही तरीके से डिजाइन और इंस्टॉल किए गए सिस्टम में इलेक्ट्रिक शॉक से जुड़े जोखिम काफी कम हो जाते हैं।
हालांकि, किसी भी इलेक्ट्रिक वॉटर हीटर में सेफ्टी के लिए सही अर्थिंग, वायरिंग और सर्किट प्रोटेक्शन जरूरी है। हालांकि इंडक्शन गीजर को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसकी एनर्जी एफिशिएंसी को लेकर होती है। पानी को फटाफट गर्म करने और हीट लॉस कम करने वाले डिजाइन के कारण कुछ इंडक्शन वॉटर हीटर नॉर्मल गीजर की तुलना में कम बिजली यूज कर सकते हैं।
