राष्ट्रवाणी: स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने 33 साल पहले एक ऐसा गीत गाया था, जो असम के लोक संगीत बिहू से प्रेरित था। डिंपल कपाड़िया का गाना (फोटो क्रेडिट- एआई) डिंपल कपाड़िया की फ्लॉप फिल्म का हिट सॉन्ग एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के इतिहास में क्षेत्रीय संगीत का बोलबाला काफी लंबे अरसे से देखने को मिलता आ रहा है।

समय-समय पर कई ऐसे गाने सामने आए हैं, जिनमें लोकगीत संगीत की खूशबू मिलती हैं। इसी आधार पर आज हम आपको वेटरन एक्ट्रेस डिंपल कपाड़िया (Dimple Kapadia) के 33 साल पुराने सॉन्ग के बारे में बताने जा रहे हैं, जो असम के पारंपरिक संगीत बिहू (Bihu) से प्रेरित रहा था और इसे स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने अपनी मधुर आवाज में गाया था।

आइए जानते हैं कि यहां कौन से गीत के बारे में जिक्र किया जा रहा है। अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया के जिस गाने के बारे में इस लेख में चर्चा की जा रही है। वह साल 1993 में आई फिल्म रुदाली से नाता रखता है।

उस गीत के बोल हैं- दिल हूम हूम करे… (Dil Hoom Hoom Kare) इस गाने को महान गायिका लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) ने अपनी मधुर आवाज में गाया था। रुदाली फिल्म का ये गाना असम के लोक संगीत बिहू से प्रेरित है। आईएमडीबी की रिपोर्ट के अनुसार असम म्यूजिक इंडस्ट्री के महान गायक और संगीतकार डॉ. भूपेन हजारिका द्वारा गाए गए प्रसिद्ध असमिया गीत Buku Hum Hum Kore से हिंदी फिल्म रुदाली का दिल हूम हूम करे… प्रेरित रहा था।

हिंदी में भी हजारिका साहब ने लता मंगेशकर संग मिलकर इस गाने को गाया था। इतना ही नहीं भूपेन हजारिका ने इसके म्यूजिक को भी एक जैसा रहा था। इसके अलावा हिंदी भाषा में हजारिका के इस गीत के लिरिक्स को महान गीतकार गुलजार साहब ने अपनी कलम से लिखा था।

इस तरह से डिंपल कपाड़िया का दिल हूम हूम करे… बनकर तैयार हुआ था। आज भी इस देसी गीत को श्रोताओं द्वारा खूब सुना जाता है। फिल्म रुदाली के दिल हूम हूम करे… गाने के वीडियो को देखने पर आपको पता चलेगा कि डिंपल कपाड़िया ने इसमें एक राजस्थानी महिला की वेशभूषा को कैरी किया हुआ है।

जो ये बताने के लिए काफी है कि बिहू संगीत में राजस्थानी पृष्टभूमि को पेश करने की कोशिश की गई है।

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