राष्ट्रवाणी: नवरात्र के दौरान घर में अपराजिता का पौधा लगाना शुभ माना जाता है, जिसे विष्णुकांता और नीलकंठ भी कहते हैं। मां दुर्गा को प्रिय है अपराजिता का पौधा (Image Source: एआई Generated) जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। नवरात्र शुरू हो चुके हैं और उसके साथ ही सभी के यहां शुभ काम भी।
ऐसे में क्यों न घर में अपराजिता का पौधा लगाकर एक और शुभ काम कर लिया जाए। हिन्दू धर्म में इस पौधे के कई नाम है, इसे विष्णुकांता, नीलकंठ, शंखपुष्पी भी कहते हैं। कहा गया है कि इस पौधे के नीले फूल मां दुर्गा, भगवान विष्णु, भगवान शिव, न्याय के देवता शनिदेव को बेहद प्रिय हैं।
चलिए इस पौधे को घर में लगाने और इसकी देखभाल के सही तरीके जानते हैं। घर की बालकनी या छत पर अपराजिता का पौधा लगाने के लिए यहां बताए गए स्टेप्स : इस पौधे के लिए ऐसा गमला चुनें जिसकी गहराई 8 से 12 इंच और चौड़ाई 12 से 14 इंच हो। वहीं, इसके लिए मिट्टी, प्लास्टिक या सीमेंट से बने किसी भी गमले को चुना जा सकता है।
बस इस बात का ध्यान रखें कि उसका ड्रेनेज होल खुला हुआ हो। अपराजिता के पौधे के लिए भुरभुरी, उपजाऊ और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी सबसे अच्छी है जिसमें पानी जमा न होने पाए। इससे जब पौधे में पानी डाला जाता है, तो वो मिट्टी में जड़ों तक आसानी से पहुंच पाता है।
बीजों को पौधे में लगाने से पहले उसे एक रात पहले पानी में भिगोकर रख दें। यह प्रक्रिया बीजों की ऊपरी सतह को नाजुक कर उसे उगाने में बड़ी मदद करती है। इसके बाद जब बीज लगाने जाएं, तो इसे लगभग 1 इंच गहराई में बोएं और सभी बीजों के बीच अंतर भी रखें।
पौधे को अच्छी खासी रोशनी की जरूरत होती है, ऐसे में गमले को वहां रखें जहां रोजाना कम से कम 5-6 घंटे की धूप मिल सके। कम रोशनी में पौधा खिलने के बजाय जल्दी मुरझा जाता है। अक्सर लोग पौधे को तब भी पानी देते रहते हैं, जब उसे जरूरत ही नहीं; उन्हें लगता है ऐसा करने से पौधे की ग्रोथ अच्छी होगी।
जबकि पौधे को तभी पानी देना चाहिए जब मिट्टी की ऊपरी सतह सूखी हुई नजर आए। अपराजिता के पौधे में पानी डालते समय भी इसी बात का ध्यान रखना है। अगर उसमें हल्की नमी बनी हुई है, तो स्प्रे की मदद से हल्का-फुल्का पानी का छिड़काव ही काफी है।

