राष्ट्रवाणी: ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में आम है, जिसका समय पर पता लगाना इलाज के लिए जरूरी है। ब्रेस्ट सेल्फ एग्जामिनेशन शरीर में होने वाले बदलावों को पहचानने का एक तरीका है। ब्रेस्ट कैंसर की पहचान के लिए सेल्फ एग्जाम कैसे करें?
(Picture Courtesy: Freepik) जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में लाइफसटाइल डेस्क, नई दिल्ली। ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में होने वाला सबसे कॉमन कैंसर है। अगर समय रहते इस कैंसर का पता लगा लिया जाए, तो इलाज आसान और सफल हो सकता है।
हालांकि, समस्या ये है कि महिलाएं इस ओर कम ही ध्यान देती हैं। ऐसे में ब्रेस्ट सेल्फ एग्जामिनेशन के बारे में जानना काफी जरूरी है। ये मेडिकल टेस्ट का कोई विकल्प नहीं है, लेकिन अपने शरीर के लिए जागरूक बनने का एक जरिया है।
इसकी मदद से स्तन में होने वाले किसी भी तरह के बदलाव को आप समय रहते पहचान सकती हैं। आइए जानें घर पर ब्रेस्ट सेल्फ एग्जामिनेशन का सही तरीका। अगर आपको पीरियड्स आते हैं, तो हर महीने अपने पीरियड्स खत्म होने के 3-5 दिन बाद ये टेस्ट करें।
इस दौरान ब्रेस्ट में होने वाले हार्मोनल बदलाव और सूजन कम हो जाती है। जिन महिलाओं में मेनोपॉज शुरू हो चुका है, वे महीने में कोई भी एक फिक्स तारीख चुन सकती है। सबसे पहले अपने कमरे में किसी आईने के सामने कपड़े उतारकर सीधे खड़े हो जाएं।
अब अपने दोनों हाथों को कमर पर रखें और सिर को सीधा रखते हुए, नोटिस करें कि ब्रेस्ट के आकार, रंग या साइज में अचानक कोई बदलाव तो नहीं आया है। त्वचा पर कोई गड्ढा, सिकुड़न या स्किन संतरे के छिलके जैसी तो नहीं दिख रही, इस पर भी ध्यना दें। साथ ही, ये भी चेक करें कि निप्पल की दिशा में कोई बदलाव, अंदर की तरफ खिंचाव या उससे कोई असामान्य रिसाव तो नहीं हो रहा।
पीठ के बल लेट जाएं और जिस ब्रेस्ट की जांच करनी है, उस तरफ के कंधे के नीचे तकिया रखें और दूसरे हाथ की उंगलियों के पैड से ब्रेस्ट को छूकर देखें कि कोई गांठ तो महसूस नहीं हो रही। सीधे खड़े हो जाएं और उंगलियों को छोटे-छोटे गोल घेरे में घुमाते हुए पहले हल्का दबाव दें और फिर गहराई से दबाव दें, ताकि अंदर के टिश्यू तक की जांच की जा सके।
निप्पल से शुरू करके बाहर की तरफ आएं और सिर्फ ब्रेस्ट तक सीमित न रहें। छाती के बीच से लेकर अंडरआर्म्स, कॉलरबोन और पेट के ऊपरी हिस्से तक की ऐसे ही जांच करें। अगर सेल्फ एग्जामिनेशन के दौरान कोई गांठ, सूजन या दर्द महसूस होता है, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
जरूरी नहीं कि हर गांठ ब्रेस्ट कैंसर ही हो, लेकिन इन्हें नजरअंदाज करना भी खतरनाक हो सकता है।

