नयी दिल्ली. अमेरिका द्वारा शुल्क संबंधी घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इस्पात उद्योग के शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि वैश्विक शुल्क में बदलाव के कारण भारत को व्यापार के बढ़ते जोखिम के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है. प्रमुख इस्पात कंपनियों जेएसडब्ल्यू स्टील और एएमएनएस इंडिया ने कहा कि आवश्यक व्यापार उपायों को सक्रिय रूप से लागू करने की आवश्यकता है, क्योंकि हर देश अपने उद्योग की रक्षा कर रहा है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को पेंसिल्वेनिया के इस्पातर्किमयों से कहा कि वह उनके उद्योग की रक्षा के लिए इस्पात आयात पर शुल्क को दोगुना करके 50 प्रतिशत कर देंगे. इससे आवास, वाहन और अन्य सामान बनाने में इस्तेमाल होने वाली धातु की कीमतें और बढ़ सकती हैं. बाद में सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि एल्युमीनियम शुल्क को भी दोगुना करके 50 प्रतिशत कर दिया जाएगा और दोनों शुल्क बढ़ोतरी बुधवार से लागू होंगी.

जेएसडब्ल्यू स्टील के संयुक्त प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जयंत आचार्य ने पीटीआई-भाषा से कहा, “हमें आवश्यक व्यापार उपायों को सक्रिय रूप से और समय पर लागू करने की आवश्यकता है.” उन्होंने कहा कि वैश्विक शुल्क में बदलाव के कारण भारत में व्यापार का जोखिम बढ़ने की संभावना है. मजबूत घरेलू मांग के कारण भारत असुरक्षित है.

एएमएनएस इंडिया के निदेशक और उपाध्यक्ष (बिक्री और विपणन) रंजन धर ने कहा, “हमें उम्मीद है कि घरेलू उद्योग को और अधिक सुरक्षा मिलेगी. हर देश अपने उद्योग की रक्षा कर रहा है. भारत को भी अपने उद्योग को कम कीमत वाले आयात से बचाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.” उन्होंने कहा कि उद्योग को आयात पर सतर्क रहने की जरूरत है. इससे पहले, टाटा स्टील के सीईओ टी वी नरेन्द्रन ने कहा था कि लम्बे समय तक सुरक्षा उपाय लागू न करने से उद्योग की निवेश योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं, तथा नकदी प्रवाह पर प्रभाव से पूंजीगत व्यय निर्णयों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.

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