बीजिंग. चीनी नर्तकों के एक बड़े समूह ने प्रसिद्ध चीनी विद्वान दिवंगत प्रोफेसर शी शियानलिन द्वारा रामायण के अनुवाद पर आधारित नृत्य नाटिका “आदि काव्य-प्रथम कविता” का मंचन किया. चीन के भरतनाट्यम कलाकार शिन शानशान द्वारा निर्देशित तथा 50 से अधिक प्रतिभाशाली स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत इस नृत्य नाटिका का मंचन शनिवार को यहां भारतीय दूतावास में किया गया.

भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में इस नृत्य नाटिका के मंचन को “अद्भुत सांस्कृतिक संगम” बताया, जिसे बड़ी संख्या में दर्शकों ने देखा. बीजिंग में इस नृत्य नाटिका का मंचन दूसरी बार हुआ. इससे पहले, जनवरी 2025 में वहां इस नृत्य नाटिका का मंचन किया गया था. पिछले महीने दूतावास ने ‘संगमम-भारतीय दार्शनिक परंपराओं का संगम’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया था, जिसमें प्रख्यात चीनी विद्वानों ने भगवद् गीता और भारत के सभ्यतागत मूल्यों पर बात की थी.

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