राष्ट्रवाणी: काजोल की बहन और एक्ट्रेस तनीषा मुखर्जी (Tsha Mukerji) ने कहा कि उन्हें उनकी बहन की तरह निर्देशक नहीं मिले। तनीषा मुखर्जी ने बताया करियर में कहां हुई चूक। फोटो क्रेडिट- इंस्टाग्राम मां की वजह से बॉलीवुड में आईं तनीषा मुखर्जी 17 की उम्र में तनीषा ने ठुकराई थी बड़ी फिल्म काजोल के नक्शेकदम पर चलना पड़ा भारी?
जागरण न्यूज नेवर्क, मुंबई। अपनी कमियों को मानना और उन पर काम करना अच्छी बात होती है, जो अभिनेत्री तनीषा मुखर्जी (Tshaa Mukerji) ने खुलकर स्वीकार की है। उन्होंने नील और निक्की, लव यू शंकर समेत कई फिल्मों में काम किया है।
वह मानती हैं कि अभिनय सीखकर आना जरूरी होता है। तनीषा कहती हैं, “मम्मी (अभिनेत्री तनुजा) को देखकर मैं हमेशा से एक्टिंग करना चाहती थी। हालांकि, मैं बस उन्हें मेकअप लगाकर काम पर जाते हुए देखती थी।
वहां जाकर कैमरे के सामने काम करना, गर्मी में मेकअप लगाकर बैठना यह सब पता नहीं था।” तनीषा मुखर्जी ने आगे कहा, “मुझे ग्लैमर वाली चीजें बहुत पसंद थीं। ऑस्ट्रेलिया में फिल्म संबंधी पढ़ाई के लिए जाने से पहले मैं देव आनंद (Dev Anand) साहब से मिली थी, उन्होंने मुझे 17 साल की उम्र में एक फिल्म ऑफर की थी और कहा था कि तुम्हें अब सिनेमा में आना चाहिए, नहीं तो तुम्हारी उम्र ज्यादा लगेगी।
मैंने कहा कि मैं कभी उम्रदराज नहीं लगूंगी। फिर मैं पढ़ने के लिए चली गई, पर वहां जाकर लगा कि अभिनय कर लेती हूं, कहीं वाकई उम्र दिखने न लग जाए, बाकी चीजें तो बाद में भी कर लूंगी।” तनीषा ने कहा, “मैंने कोशिशें की और काम करने लगी, लेकिन मैं अभिनय को लेकर बहुत कैजुअल (बेफिक्र और लापरवाह) थी, जो नहीं होना चाहिए था नहीं तो मैं और आगे जाती।
अभिनय करने से पहले मैं डांस क्लास या एक्टिंग क्लास नहीं गई थी। मेरी बहन काजोल ने भी ऐसी कोई क्लासेज नहीं ली थीं तो मुझे लगा कि मुझे भी नहीं करना है, लेकिन ऐसे काम नहीं चलता है। आपको यह सब सीखना पड़ता है।
मैं काजोल के फिल्मों में आने के करीब दस साल बाद इंडस्ट्री में आई थी, तब तक काफी चीजें बदल गई थीं और मुझे वैसे निर्देशक नहीं मिले, जैसे उन्हें मिले थे।”

