नयी दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कहा कि उसने कोलकाता में एक बांग्लादेशी नागरिक को अपने देश के नागरिकों के लिए ”अवैध” भारतीय पासपोर्ट और आधार कार्ड तैयार करने में भूमिका के लिए धन शोधन निरोधक कानून के तहत गिरफ्तार किया है. ईडी ने एक बयान में कहा कि पश्चिम बंगाल में सात परिसरों में तलाशी के बाद मंगलवार को आजाद मलिक उर्फ ??अहमद हुसैन आजाद को हिरासत में लिया गया. ईडी ने बयान में कहा कि कोलकाता में विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत ने मलिक को 13 दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया.

धन शोधन का मामला मलिक के खिलाफ स्थानीय पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है. उसके खिलाफ 1946 के विदेशी अधिनियम के तहत ”वैध दस्तावेजों के बिना” भारत में रहने और धन के बदले अवैध प्रवासियों के लिए ”धोखाधड़ी” के माध्यम से भारतीय पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज बनाने में ”संलिप्तता” को लेकर मामला दर्ज किया गया था.

एजेंसी ने कहा कि मलिक और उसकी कंपनी- मलिक ट्रेडिंग कॉरपोरेशन के नाम पर कई बैंक खाते खोले गए थे. बयान में कहा गया है कि वह बांग्लादेशी नागरिकों के लिए ”धोखाधड़ी” से मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट, आधार कार्ड जैसे पहचान दस्तावेजों की व्यवस्था करने की गतिविधियों में शामिल था. आरोपी ने अपराध से धन अर्जित किया और 2018 से 2024 के बीच खातों में भारी मात्रा में नकदी जमा की गई.

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