राष्ट्रवाणी: अभिषेक सेमर, तखतपुर। धान की फसल को आवारा मवेशियों से बचाने के लिए खेत की रखवाली करने निकले किसान की अवैध इलेक्ट्रिक फेंसिंग की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना ने न केवल खेतों में लगाए जा रहे विद्युत तारों की सुरक्षा व्यवस्था, बल्कि हादसे के बाद की कार्रवाई को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मृतक गंगाराम कोल, ग्राम पेंड्री निवासी, चनाडोंगरी में खेत की चौकीदारी करने गया था। बताया जा रहा है कि रात करीब 7 बजे वह जिस खेत में फसल की रखवाली कर रहा था, उससे लगे दूसरे किसान के खेत में आवारा मवेशियों को रोकने के लिए लगाए गए विद्युत तार की चपेट में आ गया। करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

प्रत्यक्षदर्शी किसान महेंद्र कौशिक के अनुसार, दोनों किसान अलग-अलग स्थानों पर फसल की रखवाली कर रहे थे। आवाज लगाने पर जब गंगाराम की ओर से कोई जवाब नहीं मिला, तो महेंद्र उसे देखने पहुंचा। वहां पहुंचते ही उसे भी हल्का करंट लगा।

किसी तरह बचकर आगे बढ़ा तो गंगाराम जमीन पर अचेत पड़ा था और उसके पैरों में विद्युत तार लिपटा हुआ था। महेंद्र ने इसकी सूचना अपने बड़े भाई को दी, जिसके बाद कोटवार को जानकारी देकर तखतपुर थाने में सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को देखने के बाद वापस लौट गई।

आरोप है कि रातभर शव खेत में पड़ा रहा और घटनास्थल पर विद्युत प्रवाह को लेकर भी कोई तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। सुबह तखतपुर पुलिस दोबारा घटनास्थल पहुंची और पंचनामा कार्रवाई शुरू की। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि खेत में वास्तव में अवैध विद्युत कनेक्शन से इलेक्ट्रिक फेंसिंग की गई थी, तो उसे किसने लगाया और बिजली का कनेक्शन कहां से आया?

ऐसे कनेक्शन पर समय रहते निगरानी और कार्रवाई क्यों नहीं हुई? गंगाराम अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला बताया जा रहा है। उसके पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चे हैं।

हादसे की खबर के बाद परिवार में मातम पसरा है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस पिता के सहारे परिवार की जिंदगी चल रही थी, उसकी मौत ने पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है।

मामले में बड़े गुड्डू उर्फ दिलहरन सूर्यवंशी के खेत में विद्युत फेंसिंग और कथित अवैध कनेक्शन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि और जिम्मेदारी तय होना पुलिस एवं बिजली विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। अब सवाल सिर्फ एक किसान की मौत का नहीं, बल्कि यह है कि खेतों में जानलेवा विद्युत फेंसिंग कैसे पहुंची, अवैध कनेक्शन था तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई और हादसे के बाद शव को रातभर घटनास्थल पर क्यों पड़ा रहने दिया गया?

इन सवालों के जवाब जांच और कार्रवाई के बाद ही सामने आएंगे।

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