राष्ट्रवाणी: सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के को-लोकेशन मामले को सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के साथ …और पढ़ें सुप्रीम कोर्ट ने NSE-SEBI को-लोकेशन विवाद के निपटारे को मंजूरी दी। इस फैसले से NSE पर मंडरा रही अनिश्चितता का साया खत्म।

NSE के IPO से पहले निवेशकों का भरोसा बढ़ने की उम्मीद। बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के को-लोकेशन मामले को सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के साथ सुलझाने की मंजूरी दे दी है।

जुबानी तौर पर दिए गए इस आदेश से NSE पर कई सालों से मंडरा रहा अनिश्चितता का साया खत्म हो गया है। इस आदेश की लिखित कॉपी आज के बाद में जारी की जाएगी। इससे पहले सितंबर में, सुप्रीम कोर्ट ने डार्क-फाइबर मामलों में NSE के खिलाफ SEBI की अपीलों का निपटारा कर दिया था, जिससे एक बड़ी रेगुलेटरी अनिश्चितता खत्म हो गई थी।

2019 में, SEBI ने NSE से 12 प्रतिशत ब्याज के साथ लगभग 625 करोड़ रुपये वसूलने का आदेश दिया था। बाद में सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) ने SEBI के आदेश को रद्द कर दिया था। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने NSE के डार्क-फाइबर मामलों में SAT के आदेशों के खिलाफ SEBI की अपीलों को एक समझौते के बाद निपटा दिया था।

बाद में SEBI ने SAT के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। जुलाई में, मार्केट रेगुलेटर ने दोनों मामलों को मिलाकर लगभग 1,491 करोड़ रुपये के NSE के सेटलमेंट प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। सुप्रीम कोर्ट ने अब इन मामलों में SEBI और NSE के बीच सेटलमेंट को मंजूरी दे दी है।

इस कदम से निवेशकों का भरोसा बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज, NSE, अभी अपने ₹22,569 करोड़ के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की प्रक्रिया से गुजर रहा है।

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