राष्ट्रवाणी: How To Make Fluffy Non Sticky Rice: चावल बनाना सुनने में जितना आसान लगता है, उन्हें सही तरीके से पकाना उतना ही आसान नहीं होता. चावल और पानी, बस दो चीजों से बनने वाली इस डिश में कई छोटी-छोटी बातें इसकी बनावट बदल सकती हैं. कभी चावल ज्यादा गीले हो जाते हैं, कभी नीचे से चिपक जाते हैं और कभी सारे दाने आपस में चिपक जाते हैं. खासकर जब आप हर बार पानी की मात्रा का अंदाजा लगाकर चावल बनाते हैं, तो सही नतीजा मिलना मुश्किल हो सकता है. अगर आपको लंबे दाने वाले चावल पसंद हैं और आप चाहते हैं कि पकने के बाद हर दाना अलग-अलग और खिला हुआ नजर आए, तो चावल पकाने के तरीके के साथ एक छोटी सी ट्रिक भी काम आ सकती है. इस तरीके में रसोई में मौजूद एक साधारण चीज की मदद ली जाती है, जिससे चावल में जमा होने वाली भाप की अतिरिक्त नमी वापस चावल पर नहीं गिरती. चावल पकाते समय पानी की मात्रा, गर्मी, समय और भाप का निकलना, सभी चीजें इसके टेक्सचर पर असर डालती हैं. कई बार ऐसा होता है कि ऊपर के चावल तो ठीक और खिले हुए लगते हैं, लेकिन नीचे की परत चिपचिपी हो जाती है. ऐसे में अक्सर लोग पानी की मात्रा या गैस की आंच को इसकी वजह मानते हैं. हालांकि, जिस बर्तन में चावल पकाया जा रहा है, उसकी गहराई और आकार भी फर्क डाल सकते हैं. एक गहरे और संकरे बर्तन में भाप ज्यादा देर तक फंसी रह सकती है. वहीं चौड़े और कम गहरे बर्तन में भाप निकलने के लिए ज्यादा जगह होती है. टेस्ट में देखा गया कि चौड़े और कम गहरे बर्तन में पकाए गए चावल हल्के और आसानी से अलग होने वाले थे, जबकि गहरे बर्तन में नीचे के चावल ज्यादा चिपके हुए और घने नजर आए. पानी का अंदाजा लगाने के बजाय इस बात का रखें ध्यान चावल पकाने में पानी की मात्रा बहुत महत्वपूर्ण है. अलग-अलग तरह के चावल के लिए पानी और चावल का अनुपात भी अलग हो सकता है. लंबे दाने वाले सफेद चावल के लिए सही अनुपात रखना जरूरी है. लेकिन सिर्फ पानी का अनुपात सही रखने से ही हर बार चावल परफेक्ट बनें, यह जरूरी नहीं है. पकने के दौरान पानी का वाष्प बनना और बर्तन के अंदर उसकी नमी भी चावल की बनावट को प्रभावित करती है. यही वजह है कि चावल पकाने के बाद तुरंत ढक्कन खोलना भी सही नहीं माना जाता. ढक्कन के अंदर जमा हुई भाप पानी की बूंदों में बदल सकती है. जब ढक्कन उठाया जाता है, तो ये बूंदें वापस चावल पर गिर सकती हैं. इससे पहले से खिले हुए चावल भी गीले और चिपचिपे हो सकते हैं. इसके लिए आपको किसी खास सामान की जरूरत नहीं है. रसोई में रखा एक साफ किचन टॉवल ही काम आ सकता है. चावल पक जाने के बाद बर्तन को आंच से उतार लें. इसके बाद ढक्कन के नीचे एक साफ किचन टॉवल रखें और ढक्कन को दोबारा बर्तन पर लगा दें. चावल को कम से कम 10 मिनट तक इसी तरह बिना छेड़े रहने दें. इस दौरान चावल अपनी बची हुई नमी को सोखते हैं और पकने की प्रक्रिया भी आंच बंद होने के बाद कुछ समय तक जारी रहती है. टॉवल भाप से बनने वाली अतिरिक्त नमी को सोखने में मदद करता है. इससे ढक्कन पर जमा पानी की बूंदें सीधे चावल पर वापस नहीं गिरतीं और चावल के ज्यादा गीले या चिपचिपे होने की संभावना कम होती है. 10 मिनट बाद चावल को खोलें और कांटे की मदद से हल्के हाथ से फ्लफ करें. इससे दाने अलग-अलग करने में मदद मिलती है. यह तरीका सिर्फ साधारण सफेद चावल के लिए ही नहीं, बल्कि उन दूसरे चावल वाले व्यंजनों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जहां आप ज्यादा नमी से बचना चाहते हैं. अगर आपके चावल बार-बार नीचे से चिपकते हैं, तो सिर्फ पानी की मात्रा पर ध्यान देने के बजाय बर्तन के आकार पर भी गौर करें. चौड़ा और कम गहरा बर्तन चावल को ज्यादा पतली परत में फैलाता है. इससे दानों के बीच जगह बनी रहती है और भाप को निकलने के लिए ज्यादा सतह मिलती है. इसके मुकाबले गहरे बर्तन में नीचे के चावल ज्यादा गर्मी और नमी के संपर्क में रह सकते हैं. हालांकि, हर तरह के चावल का मकसद खिले-खिले दाने पाना नहीं होता. कुछ चावल ऐसे होते हैं जिनकी बनावट स्वाभाविक रूप से नरम और आपस में चिपकने वाली होती है. इसलिए चावल की किस्म के हिसाब से पानी की मात्रा और पकाने का तरीका भी अलग हो सकता है. जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं. लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं. ट्रैवल उनका इंटरेस्ट एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं. We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.
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