राष्ट्रवाणी: Easy Hacks To Clean Clogged Gas Burner Holes: गैस चूल्हा रोजाना इस्तेमाल होने वाली किचन की जरूरी चीजों में से एक है. खाना बनाते समय अगर इसकी लौ में अचानक बदलाव नजर आने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कई बार लौ का कमजोर या असमान होना किसी बड़ी खराबी की वजह से नहीं, बल्कि बर्नर के आसपास जमा तेल, दूध, मसाले या खाने के छोटे कणों के कारण होता है. लेकिन अगर सफाई के बाद भी लौ सामान्य नहीं होती या सभी बर्नर पर एक साथ ऐसी समस्या आने लगे, तो गैस सप्लाई, रेगुलेटर या चूल्हे की जांच कराना जरूरी हो सकता है. गैस चूल्हे की लौ में बदलाव को सबसे पहले ध्यान से देखें. अगर किसी एक बर्नर की लौ पहले के मुकाबले कम हो गई है, कुछ हिस्सों में ज्यादा और कुछ हिस्सों में कम दिखाई दे रही है या लौ स्थिर नहीं है, तो बर्नर के छोटे-छोटे छेदों में गंदगी जमा होने की वजह हो सकती है. रोज खाना बनाते समय तेल, दूध, ग्रेवी, मसाले और खाने के कण इन छेदों के आसपास जमा हो जाते हैं. धीरे-धीरे ये गैस के रास्ते को रोकने लगते हैं, जिससे लौ प्रभावित होती है. सिर्फ एक बर्नर की लौ कमजोर है तो पहले इसे चेक करें अगर बाकी बर्नर सामान्य तरीके से चल रहे हैं और सिर्फ एक बर्नर की लौ कमजोर है, तो सबसे पहले उसी बर्नर को चेक करें. सफाई करने से पहले गैस बंद करें और बर्नर को पूरी तरह ठंडा होने दें. इसके बाद चूल्हे की डिजाइन के अनुसार बर्नर के हटने वाले हिस्से को निकालकर देखें कि उसके छोटे छेदों में तेल, खाने के कण, मसाले या धूल तो जमा नहीं है. पिन या सुई से बर्नर के छेद न कुरेदें बर्नर की सफाई करते समय जल्दबाजी न करें. इसके लिए नरम ब्रश या उस बर्नर के लिए बताए गए सफाई के तरीके का इस्तेमाल करें. छोटे छेदों पर जमा गंदगी को धीरे-धीरे साफ करें. पिन, सुई या किसी नुकीली चीज से इन छेदों को जोर से कुरेदने से बचें. इससे बर्नर के छेद खराब हो सकते हैं या उनका आकार बदल सकता है. सफाई के बाद बर्नर को पूरी तरह सुखाएं बर्नर की सफाई के बाद उसे अच्छी तरह सुखाना भी जरूरी है. गीला बर्नर वापस लगाकर इस्तेमाल करने से इग्निशन और लौ के प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है. इसलिए बर्नर को अच्छी तरह पोंछें और पूरी तरह सूखने के बाद ही उसे वापस लगाएं. साथ ही सभी बर्नर की लौ कमजोर हो तो मामला अलग है अगर अचानक सभी बर्नर की लौ एक साथ कमजोर हो गई है, तो हर बर्नर की सफाई करते रहना समस्या का सही समाधान नहीं हो सकता. ऐसी स्थिति में गैस सप्लाई, एलपीजी सिलेंडर, रेगुलेटर, गैस कनेक्शन या सप्लाई प्रेशर से जुड़ी समस्या हो सकती है. पहले गैस सप्लाई और रेगुलेटर की स्थिति चेक करें. समस्या बनी रहती है तो गैस सप्लायर या किसी योग्य सर्विस प्रोफेशनल से संपर्क करना बेहतर है. लौ का एक हिस्सा तेज और दूसरा कमजोर हो तो ध्यान दें अगर बर्नर के एक हिस्से में तेज लौ आ रही है, जबकि दूसरे हिस्से में बहुत कम या बिल्कुल लौ नहीं है, तो बर्नर के छेद और उसकी पोजिशनिंग चेक करें. बर्नर को बंद करके ठंडा होने दें, फिर उसे निकालकर गंदगी साफ करें. इसके बाद उसे पूरी तरह सुखाकर सही तरीके से वापस लगाएं और लौ चेक करें. अगर इसके बाद भी लौ असमान रहती है, तो प्रोफेशनल जांच की जरूरत हो सकती है. बर्नर, नोजल, वाल्व या गैस-एयर सेटिंग को खुद बदलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. गैस चूल्हे की सफाई के लिए हर घर में एक जैसा तय शेड्यूल जरूरी नहीं है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितनी बार खाना बनाते हैं और चूल्हे पर कितना तेल या खाना गिरता है. खाना बनाने के बाद चूल्हा ठंडा होने पर दिखने वाली गंदगी साफ करें. अगर दूध, तेल या ग्रेवी बर्नर के आसपास गिर गई है, तो उसे सूखकर जमा होने से पहले साफ करना बेहतर है. लौ के व्यवहार में बदलाव दिखे तो भी बर्नर की स्थिति जरूर चेक करें. बर्नर साफ करने के बाद उसे गीला छोड़कर तुरंत इस्तेमाल न करें. पिन या सुई जैसी नुकीली चीजों से छेदों को जोर से साफ करने से बचें. बर्नर को गलत तरीके से फिट न करें. अगर सिर्फ एक बर्नर की लौ कमजोर है, तो पहले उसी की जांच करें. वहीं अगर सभी बर्नर की लौ कमजोर है, तो गैस सप्लाई और रेगुलेटर की तरफ ध्यान दें. अगर सफाई और सही तरीके से बर्नर लगाने के बाद भी लौ कमजोर रहती है, कई बर्नर में लगातार समस्या आती है, लौ असामान्य रूप से पीली या नारंगी बनी रहती है या बर्नर सामान्य तरीके से इग्नाइट नहीं होता, तो योग्य सर्विस प्रोफेशनल की मदद लें. गैस चूल्हे के अंदर के वाल्व, नोजल या दूसरे गैस कंपोनेंट्स को खुद एडजस्ट करने की कोशिश न करें. सोनम एबीपी लाइव में कंटेंट राइटर हैं. यहां वह लाइफस्टाइल कैटिगरी और इसके अंतर्गत आने वाली सब-कैटिगरीज हेल्थ, होम टिप्स, रिलेशनशिप, ट्रैवल, पैरेंटिंग, ब्यूटी और फैशन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. सोनम करीब 15 साल से लेखन की दुनिया में कार्यरत हैं. इससे पहले वह , के आईनेक्स्ट में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं. इन सभी जगहों पर उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं. सोनम ने लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन किया है. We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.
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