राष्ट्रवाणी: बॉलीवुड फिल्मों के कई गाने ऐसे हैं, जिनमें चांद और चकोर का जिक्र सुनने को मिलता है। चांद-चकोर के गाने (फोटो क्रेडिट- एक्स) इन फिल्मों के गाने में मिलता है जिक्र एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। चांद-चकोर की प्रेम कहानी, सिनेमा जगत में सबसे पुरानी।

हिंदी सिनेमा के कई कल्ट गानों में चांद और चकोर का जिक्र सदियों से सुनने को मिल रहा है। इस मामले में सलमान खान (Salman Khan) और ऐश्वर्या राय से लेकर रणबीर कपूर और आलिया भट्ट के भी गाने शामिल हैं। लेकिन चांद और चकोर का क्या मतलब है और बॉलीवुड फिल्मों के सॉन्ग्स में इनका इस्तेमाल क्यों किया जाता है।

आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं- फिल्मी गीतों और शायरी में चांद-चकोर खूब सुनने को मिलता है। इस आधार पर आज हम आपको चांद और चकोर की दिलचस्प कहानी के बारे में बताने जा रहे हैं। दरअसल चांद का अर्थ आसमान में नजर आने वाला चंद्रमा और चकोर का मतलब एक पहाड़ी पक्षी से है, जो तीतर की प्रजाति का होता है।

लंबे अरसे से चांद और चकोर को लेकर कई तरह की लोककथाएं प्रचलित हैं, जिनमें ये दावा किया जाता है कि चकोर रात में एक नजर सिर्फ चांद को देखता रहता है। वह मन ही मन चांद को चाहता है, लेकिन उसके पास नहीं जा सकता। ऐसा माना जाता है कि चकोर चांद से एकतरफा प्रेम करता है, जिसकी भनक चांद को नहीं।

कहानी और कविताओं में इनका इस्तेमाल इसी आधार पर किया जाता है। बस इसी को मद्देनजर रखते हुए हिंदी सिनेमा के कई कल्ट गीतों में चांद और चकोर की कहानी को यूज किया है। जो एक तरफा प्यार की परिभाषा देते हैं।

जिन गानों में चांद और चकोर का जिक्र मिलता है, उनमें से चुनिंदा गाने की सूची इस प्रकार है- चांद को क्या मालूम… (फिल्म- लाल बंगला) मेरे मितवा मेरे मीत रे… (फिल्म- गीत) घूंघटे में चंदा है… (फिल्म- कोयला) चांद छुपा बादल में… (फिल्म- हम दिल दे चुके सनम) इस तरह की कई फिल्में और उनके गाने हैं, जिनके मुखड़े या अंतरे में चांद और चकोर शब्दों का इस्तेमाल देखने को मिलता है।

कमाल की बात ये है कि चांद-चकोर को मेल से बने गीत दिल को आसानी से छू जाते हैं और लोकप्रिय बन जाते हैं।

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