राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, अंबिकापुर: शहर में सक्रिय गुंडा-बदमाशों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस मुख्यालय में पदस्थ डीआइजी रवि कुर्रे(आइपीएस) के बेटे के साथ बौरीपारा में मारपीट के मामले में फरार दो आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपितों का शहर में जुलूस निकाला।
कोतवाली थाना से लेकर दोनों आरोपितों को पैदल मुख्य मार्ग से होते हुए न्यायालय तक ले जाया गया। गिरफ्तार आरोपितों में गणेश उर्फ गोलू और आशुतोष गुप्ता (22) निवासी मायापुर के रूप में है। दोनों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी है और ये शहर में सरेराह गुंडागर्दी के कई मामलों में शामिल रहे हैं।
पहली घटना सात सितंबर 2026 की है। कोतवाली थाना क्षेत्र के बौरीपारा में आइपीएस रवि कुर्रे के पुत्र नमनाकला खटिकपारा निवासी लेखांश कांत के साथ मारपीट की गई थी। लेखांश सिक्योरिटी एजेंसी का संचालन करता है।लेखांश ने रिपोर्ट में बताया था कि वह अपनी कार से दोस्त विशाल सोनी और रोमी खान के साथ अपने साथी प्रिंस गुप्ता के पास बौरीपारा जा रहा था।
प्रिंस के घर से कुछ दूरी पर रिंग रोड बौरीपारा तालाब के पास रुककर वह प्रिंस का इंतजार कर रहा था। वहां पहले से गोलू गणेश, रतन गुप्ता, कोया डॉन, आशुतोष गुप्ता और उनके अन्य साथी खड़े थे। लेखांश कार से उतरकर मोबाइल पर प्रिंस से बात कर रहा था, बातचीत में उसने गोलू गणेश का नाम लिया।
इसी बात पर रतन गुप्ता और कोया डॉन भड़क गए और बोले- गोलू का नाम कैसे लिया, तेरा बाप पुलिस वाला है हमारा क्या कर लेगा। इसके बाद सभी ने मिलकर जान से मारने की धमकी दी। गोलू गणेश ने उसका हाथ पकड़ लिया और रतन गुप्ता, कोया डॉन, आशुतोष गुप्ता व अन्य साथियों ने बेल्ट, कड़ा, हाथ-मुक्का और लात से मारपीट शुरू कर दी।
कोया डॉन ने गला दबा दिया और मोबाइल छीनकर भागने लगे, जिसे उसके दोस्त ने वापस ले लिया। मारपीट में लेखांश के दाहिने कान के नीचे, दोनों कंधे, सिर और गले में चोट आई थी। इस मामले में केस दर्ज किया गया था।
पुलिस ने पूर्व में आरोपित रतन गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि फरार चल रहे गणेश उर्फ गोलू और आशुतोष गुप्ता को अब गिरफ्तार किया गया है।
