कोझिकोड: केरल के थमारास्सेरी में दसवीं कक्षा के एक छात्र की हत्या पूरी योजना के साथ की गई थी। यह बात पुलिस ने सोमवार को कही। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को बताया, ‘‘छात्रों के व्हाट्सऐप ग्रुप की बातचीत से स्पष्ट होता है कि हमला पूर्व नियोजित था।”

उन्होंने कहा कि हमले के बाद आरोपी छात्रों की मनोवैज्ञानिक स्थिति का भी आकलन किया जाना चाहिए। अधिकारी ने बताया कि हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार बरामद करने के लिए छात्रों के घरों की तलाशी ली गई है और उनके मोबाइल फोन, व्हाट्सऐप ग्रुप और इंस्टाग्राम अकाउंट की जांच के लिए प्रयास जारी हैं।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या हमले में कोई वयस्क व्यक्ति भी शामिल था। पुलिस ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब मुख्य आरोपी छात्र के पिता के गिरोह और तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की बात भी सामने आई है।

इस बीच, मृतक छात्र के पिता इकबाल ने आरोपियों को एसएसएलसी परीक्षा में बैठने की अनुमति दिए जाने पर आपत्ति जतायी। उन्होंने कहा, “हत्या के आरोपियों को परीक्षा में बैठने देना गलत संदेश देता है। उन्हें एक साल तक परीक्षा से रोका जाना चाहिए था।’’

पांचों आरोपियों के लिए थमारास्सेरी के एक स्कूल में परीक्षा देने की व्यवस्था की गई थी। लेकिन केएसयू, युवा कांग्रेस और मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन (एमएसएफ) के विरोध के बाद, परीक्षा यहां पास में वेल्लीमाडुकुन्नु स्थित किशोर गृह में कराई गई।

मुहम्मद शाहबास (16) को एक निजी ट्यूशन सेंटर के पास छात्रों के बीच हुई झड़प में सिर पर गंभीर चोटें आई थीं। शाहबास ने शनिवार को कोझिकोड सरकारी मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया था। पुलिस ने इस मामले में पांच छात्रों को हिरासत में लिया है और उन पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया।

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