राष्ट्रवाणी: भारत में जुलाई से दिसंबर 2026 के बीच 2-2.5 लाख मौसमी और ‘गिग’ नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है, जिसमें …और पढ़ें जुलाई-दिसंबर 2026 तक 2-2.5 लाख मौसमी और गिग नौकरियां संभावित। त्योहारों में हायरिंग 15-20% बढ़ेगी, ई-कॉमर्स, खुदरा मुख्य क्षेत्र। टियर-2, टियर-3 शहरों में 45% त्योहारी भर्ती की उम्मीद है।
नई दिल्ली। भारत में जुलाई से दिसंबर 2026 के बीच 2,00,000 से 2,50,000 सीजनल और ‘गिग’ नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है, और त्योहारों के मौसम में हायरिंग में 15–20 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है। यह अनुमान NLB सर्विसेज़ की एक रिपोर्ट का हिस्सा है, जो एक ग्लोबल टेक्नोलॉजी और डिजिटल टैलेंट सॉल्यूशन प्रोवाइडर है।
ई-कॉमर्स जैसे सेक्टर में काम करने वाले अस्थायी कर्मचारियों को ‘गिग’ वर्कर कहा जाता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश में त्योहारों का मौसम शुरू होने के साथ ही ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, रिटेल, लॉजिस्टिक्स, हॉस्पिटैलिटी, ट्रैवल और कंज्यूमर सर्विस जैसे सेक्टर के बिजनेस साल के सबसे व्यस्त और ज़्यादा मांग वाले समय के लिए तैयारी कर रहे हैं।
नियोक्ता पहले से भर्ती शुरू कर रहे हैं और पारंपरिक रोजगार केंद्रों से आगे बढ़कर तकनीक आधारित, मजबूत और तुरंत काम पर लगाए जा सकने वाले कर्मचारियों पर अधिक निर्भर हो रहे हैं।’ ‘त्योहारों के दौरान मांग को पूरा करने के लिए होने वाली भर्ती अब केवल अल्पकालिक जरूरत नहीं रह गई है, बल्कि नए प्रतिभा समूहों तक पहुंचने, बड़े स्तर पर उनकी क्षमता परखने और दीर्घकालिक रोजगार के अवसर तैयार करने का जरिया भी बन रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियां त्योहारों के दौरान बढ़ती मांग से करीब 12-14 सप्ताह पहले ही कार्यबल की अपनी जरूरत की योजना बनाना शुरू कर देती हैं। इससे उन्हें पहले से प्रतिभा समूह तैयार करने और कम समय में होने वाली भर्ती का दबाव घटाने में मदद मिलती है। त्योहारों के दौरान भर्ती का दायरा भौगोलिक रूप से भी बढ़ रहा है।
कुल त्योहारी भर्ती मांग में से करीब 45 प्रतिशत हिस्सेदारी दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों से रहने की उम्मीद है, जबकि इन बाजारों में भर्ती 25-30 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, संगठित खुदरा और क्षेत्रीय ऑर्डर पूर्ति नेटवर्क के विस्तार से जयपुर, लखनऊ, इंदौर, सूरत, नागपुर, भुवनेश्वर, कोयंबटूर, चंडीगढ़ और कोच्चि जैसे शहरों में रोजगार की मांग बढ़ रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, त्योहारों के दौरान पहली बार काम करने वाले युवा और महिलाएं महत्वपूर्ण प्रतिभा समूह के रूप में उभर रहे हैं।
