राष्ट्रवाणी: मोहम्मद रफी और किशोर कुमार में से कौन हिंदी सिनेमा का महान गायक था, इसको लेकर एक वक्त पर काफी चर्चा हुई थी। मोहम्मद रफी और किशोर कुमार (फोटो क्रेडिट- फेसबुक) महान गायक थे मोहम्मद रफी और किशोर कुमार दोनों की लोकप्रियता को लेकर छिड़ी थी बहस एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली।
39 साल पहले आज ही के दिन सुरों के सरताज किशोर कुमार (Kishore Kumar) ने 58 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। किशोर दा जब जीवित थे, तब उनकी लोकप्रियता काफी अधिक थी। आज भी उनके शानदार गीतों के लिए उन्हें याद किया जाता है।
एक वक्त ऐसा आ गया था कि सिनेमा जगत में मोहम्मद रफी (Mohammed Rafi) और किशोर कुमार में से कौन महान गायक है, इसको लेकर बहस छिड़ गई थी। जिसका समापन खुद किशोर दा के एक खत ने किया था। पूरा मामला क्या था, आइए जानते हैं- हिंदी सिनेमा के मशहूर फिल्म लेखक और गीतकार जावेद अख्तर ने अपने टीवी कार्यक्रम जाने पहचाने विद जावेद अख्तर (Jaane Pehchaane with Javed Akhtar) में मोहम्मद रफी और किशोर कुमार से संबंधित एक रोचक किस्सा साझा किया था।
जावेद साहब ने बताया- एक वक्त ऐसा था कि सिनेमा जगत में रफी साहब और किशोर दा की महानता को लेकर बहस छिड़ गई थी। एक मशहूर फिल्मी मैगजीन ने इस डिबेट को बड़ा रूप देते हुए लेटर भेजने का चलन शुरू करवाया। जो लोग रफी साहब के फैन थे, उन्होंने उनके लिए खत लिखे और जो किशोर कुमार के प्रशंसक थे, उन्होंने उनके लिए खत लिखे।
दो-तीन एडिशन के बाद उस मैगजीन के पास एक बड़ा लंबा-चौड़ा खत आया और जो खुद किशोर कुमार ने लिखा। उस लेटर में उन्होंने लिखा था- मैं चाहता हूं इस मुद्दे पर चर्चा बंद कर देनी चाहिए। क्योंकि ये मुझे काफी तकलीफ दे रहा है।
मैं रफी साहब की काफी इज्जत करता हूं और मेरा उनके साथ मुकाबला किया जाना बेहद गलत है। मैं खुद रफी साहब के गानों को गाने के लिए उनसे अनुमति लेता हूं। मेरे लिए बड़ी शर्म की बात है कि मुझे उनसे बड़ा माना जाता है।
इस तरह से किशोर कुमार खुद एक पत्र के माध्यम से इस डिबेट को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया था। इससे ये जाहिर होता है कि किशोर दा न सिर्फ के उम्दा गायक थे, बल्कि वह एक बड़े दिल वाले इंसान भी थे। बता दें कि रफी और किशोर ने एक साथ मिलकर हिंदी सिनेमा के कई आइकॉनिक गाना को भी गाया था, जो आज भी अमर हैं।

