नयी दिल्ली: खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी 28 मई को प्रमुख हितधारकों से मुलाकात में अनुचित कारोबारी तरीकों से जुड़ी उपभोक्ताओं की ंिचताओं पर चर्चा करेंगे तथा इसपर लगाम लगाने के लिए अधिक प्रभावी उपाय तलाशेंगे।

‘डार्क पैटर्न’ ऐसे भ्रामक तौर-तरीके या प्रवृत्तियां हैं जिनका इस्तेमाल कोई मंच उपयोगकर्ताओं को गुमराह करने या धोखा देने के लिए करता है। इस तरह ग्राहकों को उनकी मंशा के बगैर खरीदारी या सेवा लेने के लिए मजबूर किया जाता है।

ये तरीके उपभोक्ता की स्वायत्तता, निर्णय लेने की क्षमता या पसंद को कमजोर या बाधित करते हैं और इनकी गिनती भ्रामक विज्ञापन या अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में होती है। फिलहाल उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) की तरफ से जारी ‘डार्क पैटर्न’ की रोकथाम और विनियमन के लिए दिशानिर्देश, 2023′ डिजिटल मंच और बिक्री केंद्रों के अनुचित तरीकों पर लगाम लगाते हैं।

मंत्रालय ने बयान में कहा कि इस बैठक में खाद्य, यात्रा, सौंदर्य प्रसाधन, दवा, खुदरा, परिधान और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में काम करने वाले सभी प्रमुख ई-कॉमर्स मंचों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। बयान के मुताबिक, बैठक में शामिल होने वाले ई-कॉंमर्स मंचों में अमेजन, फ्लिपकार्ट, 1एमजी.कॉम, एप्पल, बिगबास्केट, मीशो, मेटा, मेकमाईट्रिप, पेटीएम, ओला, रिलायंस रिटेल, स्विगी, जोमैटो, यात्रा, उबर, टाटा, ईजमाईट्रिप, क्लियर ट्रिप, इंडियामार्ट, इंडिगो एयरलाइंस, इक्सिगो, जस्टडायल, मेडिका बाज़ार, नेटमेड्स, ओएनडीसी, थॉमस कुक और व्हाट्सएप शामिल होंगे।

स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठन (वीसीओ) और अग्रणी राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयू) सहित प्रमुख उद्योग संगठन भी इस बैठक में सक्रिय भागीदार होंगे।

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