राष्ट्रवाणी: इंस्टाग्राम रील्स पर एक पंजाबी लोकगीत काफी वायरल हो रहा है। यह गाना पुरुषों की सुंदरता का बखान करता है। शफाउल्लाह खान का चलड़े चलड़े वाल गाना एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली।

इन दिनों सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम रील्स में एक पंजाबी गाना काफी वायरल हो रहा है। स्क्रॉल करते हुए ये एक न एक बार आपकी फीड में भी जरूर आया होगा। अपनी रूहानी आवाज और बोल की वजह से ये पहले ही लाखों लोगों की दिल जीत चुका है।

लोग इसे बार-बार रिपीट मोड पर सुन रहे हैं। हम बात कर रहे हैं इंस्टा रील्स पर इस समय वायरल हो रहे गाने ‘चलड़े चलड़े वाल’ (Chalray Chalray Waal) की। चलड़े चलड़े वाल की हिंदी में अर्थ घुंघराले बाल होता है।

अगर आप इस गाने की आगे की लाइनें सुनेंगे तो आपको पता लगेगा कि असल में ये गाना लड़कों की खूबसूरती को बयां करता है। आपको बता दें कि भले ही ये गाना पहली बार सुनने में आपको एक सामान्य पंजाबी गाना लगे, लेकिन वास्तव में यह पाकिस्तान के पंजाब क्षेत्र में बोली जाने वाली सराइकी भाषा का एक बेहद पुराना और क्लासिक लोकगीत (Folk Song) है।

इसकी धुन और शब्द वहां की संस्कृति की गहरी पहचान हैं। आमतौर पर आपने देखा होगा कि गानों में अक्सर किसी महिला या प्रेमिका की खूबसूरती, उनके बालों आदि की तारीफ की जाती है। लेकिन इस गाने की सबसे बड़ी अनजानी बात यह है कि यह एक महिला के नजरिए से लिखा गया है, जो किसी पुरुष (अपने महबूब) की सुंदरता की तारीफ कर रही है।

तो है ना ये लाजवाब बात? यह गाना मूल रूप से पाकिस्तान के प्रसिद्ध लोक गायक शफाउल्लाह खान रोखरी (Shafaullah Khan Rokhri) और मोहम्मद हुसैन बंदियालवी (Muhammad Hussain Bandailvi) जैसे कलाकारों ने गाया था। लेकिन अचानक यह भारत और पूरी दुनिया में तब वायरल हुआ जब पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा (Sunanda Sharma) ने इस पर एक इंस्टाग्राम रील बनाई।

सराइकी बोली में उन्होंने जिस तरह से ये गीत गाया इसके लिए उनकी बहुत तारीफ हुई। वहीं अगर आप इसकी धुन पर गौर करेंगे तो आप इसमें एक और समानता पाएंगे। इसकी धुन फिल्म ‘मोहरा’ (Mohra) के गाने ‘न कजरे की धार’ (Na Kajre Ki Dhar) से काफी मिलती-जुलती है।

बहुत कम लोग जानते हैं कि साल 1994 में रिलीज हुई मोहरा में इस गाने को पंकज उदास (Pankaj Udhas) और साधना सरगम (Sadhna Sargam) ने गाया था जोकि जबरदस्त हिट हुआ था। लेकिन असल में ‘ना कजरे की धार’ सालों पहले 1970 के दशक में गायक मुकेश (Mukesh) की आवाज में रिकॉर्ड किया गया था। इसे प्रसिद्ध संगीतकार जोड़ी कल्याणजी-आनंदजी ने तैयार किया था, लेकिन किसी कारणवश वह गाना तब रिलीज नहीं हो पाया था।

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