राष्ट्रवाणी: वेटरन एक्टर शशि कपूर का एक पुराना लोकप्रिय गीत कश्मीरी शैली से पूरी तरह से प्रेरित था। शशि कपूर का गाना (फोटो क्रेडिट- स्क्रीन शॉट/एआई) शशि कपूर ने निभाया था कश्मीरी शख्स का किरदार एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। सिनेमा जगत में कपूर खानदान का नाम रोशन करने वाले अभिनेता शशि कपूर (Shashi Kapoor) का नाम भला कौन नहीं जानता।
शशि ने अपने सुनहरे करियर में कई लोकप्रिय फिल्मों से दर्शकों का दिल जीता था। आज हम आपको उन पर फिल्माए गए सबसे यादगार गीत के बारे में बताने जा रहे हैं, जो कश्मीरी शैली से जुड़ा हुआ था। इस कल्ट क्लासिक गीत को हिंदी सिनेमा के महान गायक मोहम्मद रफी (Mohammed Rafi) ने अपनी मधुर आवाज में गाया था।
आइए जानते हैं कि यहां कौन से सॉन्ग के बारे में बात की जा रही है। अपने बड़े भाई राज कपूर की तरह बतौर अभिनेता शशि कपूर ने फिल्मी जगत में काफी नाम कमाया था। जिसकी शुरुआत उनकी कल्ट मूवी जब जब फूल खिले से हुई थी।
इस मूवी को साल 1965 में सिनेमाघरों में रिलीज किया गया था और इसके डायरेक्शन की जिम्मेदारी सूरज प्रकाश ने निभाई थी। इस फिल्म का गाना परदेसियों से ना अखियां मिलाना… (Pardesiyon Se Na Ankhiyan Milana) सबसे ज्यादा हिट रहा था। शशि कपूर का ये गाना पूरी तरह से कश्मीर की लोक शैली से जुड़ा हुआ था।
जिसका अंदाजा आप गाने का वीडियो देखकर आसानी से लगा सकते हैं। शशि ने इस गीत के लिए कश्मीरी वेशभूषा पहना था और गानों को भी घाटी की वादियों में फिल्माया गया था। आईएमडीबी की रिपोर्ट के अनुसार फिल्म जब जब फूल खिले में शशि कपूर ने राजा नाम के एक शख्स का किरदार निभाया था, जो कश्मीर का एक नाविक होता है।
इस कैरेक्टर के लिए शशि ने खास तैयारी की थी। वह परदेसियों से ना अखियां मिलाना… गाने के लिए कश्मीर में नाव चलाने वालों के साथ कई दिन बिताते थे, ताकि उनके रहन-सहन को समझ सकें। कभी-कभी वे उनके साथ खाना भी खाते थे।
इतना ही नहीं फिल्म जब जब फूल खिले (Jab Jab Phool Khile) की शूटिंग भी कश्मीर के श्रीनगर, लैंगनबल ब्रिज, अनंतनाग-पहलगाम रोड जैसे कई इलाकों में हुई थी। जबकि परदेसियों से ना अखियां मिलाना… गीत की शूटिंग कश्मीर की प्रसिद्ध डल झील में की गई थी। जब जब फूल खिले फिल्म का परदेसियों से ना अखियां मिलाना… सबसे अधिक पॉपुलर हुआ था और रिलीज के 61 साल बाद भी इसे खूब सुना जाता है।
इस गीत को मोहम्मद रफी साहब ने अपनी मधुर आवाज में गाया था, जबकि संगीतकार कल्याण जी और आनंद जी की जोड़ी ने इसकी धुनों को तैयार किया था।
