
नयी दिल्ली/बेंगलुरु. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को अभिनेत्री रान्या राव और अन्य के खिलाफ कथित सोना तस्करी से जुड़े धन शोधन जांच के तहत कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों सहित कर्नाटक में कई स्थानों पर छापेमारी की. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत राज्य में 16 स्थानों पर छापेमारी की गई. सूत्रों ने बताया कि छापेमारी हवाला ऑपरेटर और अन्य ऑपरेटर को निशाना बनाकर की गई, जिन्होंने राव के खातों में कथित तौर पर ”फर्जी” वित्तीय लेनदेन किए थे.
संघीय जांच एजेंसी ने कुछ महीने पहले राव के मामले सहित भारत में बड़े सोना तस्करी रैकेट के संबंध में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए पीएमएलए मामला दर्ज किया था.
ईडी सूत्रों ने कहा कि एक शैक्षणिक ट्रस्ट पर संदेह है कि उसने कथित तौर पर एक प्रभावशाली व्यक्ति के निर्देश पर राव के क्रेडिट कार्ड बिल के लिए 40 लाख रुपये का भुगतान किया है.
सूत्रों ने दावा किया कि ट्रस्ट परमेश्वर से जुड़ा हुआ है और ”प्रभावशाली” व्यक्ति राजनीतिक शख्सियत है. उन्होंने बताया कि तलाशी में पाया गया कि इस भुगतान (क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान के लिए) को ”सत्यापित” करने के लिए कोई दस्तावेज नहीं मिला. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने ईडी की तलाशी पर कोई टिप्पणी नहीं की और कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है.
हालांकि, कर्नाटक में पार्टी मामलों के प्रभारी कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि परमेश्वर अनुसूचित जाति के बड़े नेता हैं और यह छापेमारी पूर्ववर्ती भाजपा सरकारों के भ्रष्टाचार को छिपाने तथा वंचितों की आवाज उठाने वालों की आवाज दबाने का एक हताश प्रयास प्रतीत होता है.
ईडी सूत्रों ने बताया कि सोने की खरीद के लिए अवैध विदेशी मुद्रा के लेनदेन में मदद करने वाले कुछ हवाला ऑपरेटर की तलाशी ली गई और उन्होंने कथित तौर पर राव के साथ लेन-देन की बात ”स्वीकार” की. राव को दुबई से आने के बाद तीन मार्च को बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया था.
