राष्ट्रवाणी: कर्ज के बोझ तले दबे शापूरजी पलोनजी ग्रुप ने टाटा संस में अपनी हिस्सेदारी बेचकर ₹25,000 करोड़ जुटाने की योजना …और पढ़ें शापूरजी पलोनजी ग्रुप ₹25,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में। टाटा संस में अपनी 7% हिस्सेदारी बेचेगा ग्रुप। चेयरमैन शापूर मिस्त्री ने नोएल टाटा को लिखा पत्र।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। कर्ज के बोझ तले दबे भारत के दिग्गज कारोबारी समूह शापूरजी पलोनजी ग्रुप को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। खबर है कि यह ग्रुप अपने कर्ज को चुकाने के लिए टाटा संस में अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचकर लगभग 25 हजार करोड़ रुपये जुटाएगी।

द इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार शापूरजी पलोनजी ग्रुप अगले 2 साल में यह रकम जुटाएगा। टाटा संस में अपनी हिस्सेदारी बेचकर कर्ज चुकाने के संबंध में शापूरजी पलोनजी ग्रुप के चेयरमैन शापूर मिस्त्री ने टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएला टाटा को पत्र लिखा है। रिपोर्ट के अनुसार, SP ग्रुप के पास अनलिस्टेड टाटा संस में 18.37% हिस्सेदारी है।

इसमें से वह 7 फीसदी बेचकर 25 हजार करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है।इकोनॉमिक टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि शापूर मिस्त्री ने टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा को एक प्रस्ताव भेजा है। उनके इस प्रस्ताव पर टाटा संस के अधिकारियों द्वारा चर्चा किए जाने की उम्मीद है, क्योंकि दोनों पक्ष समाधान चाहते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार कर्ज में डूबे SP ग्रुप को सितंबर 2026 में ₹3500 करोड़ का जरूरी पेमेंट करना है। कंपनी पर कुल ₹50,000 करोड़ से ज्यादा का कर्ज है, जो टाटा संस में उसकी हिस्सेदारी के बदले लिया गया है। सितंबर का पेमेंट न करने को डिफॉल्ट माना जा सकता है।

यही कारण है कि शापूरजी पलोनजी ग्रुप टाटा संस में अपनी हिस्सेदारी को बेचने के लिए कवायद तेज कर चुका है।शापूरजी पलोनजी ग्रुप के चेयरमैन शापूर मिस्त्री की बातचीत टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन और टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा के साथ जारी थी। लेकिन जुलाई के बाद एन. चंद्रशेखर ने आगे की बातचीत में हिस्सा नहीं लिया।

क्योंकि उनका कार्यकाल फरवरी 2026 में खत्म हो रहा है और वह इस्तीफा भी दे चुके हैं। यानी उनका कार्यकाल अब नहीं बढ़ेगा।

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संपादक : नीरज दीवान

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