राष्ट्रवाणी: 1954 में पेश किए गए Regency TR-1 ट्रांजिस्टर रेडियो ने सुनने के अनुभव को बदल दिया। इसने बड़े वैक्यूम ट्यूब …और पढ़ें न घर में बड़े रेडियो की जरूरत, न एक जगह बैठने की मजबूरी, 1954 में आया था ये खास डिवाइस जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली।

आज के टाइम में स्मार्टफोन पर गाने सुनना, पॉडकास्ट देखना और लाइव रेडियो सुनना काफी ज्यादा आसान हो गया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक वक्त ऐसा भी था, जब रेडियो सुनने के लिए घर में एक बड़ा डिवाइस रखना पड़ता था। हालांकि साल 1954 में आए Regency TR-1 ट्रांजिस्टर रेडियो ने इस तस्वीर को पूरी तरह बदल कर रख दिया।

इसके छोटे साइज और पोर्टेबल डिजाइन की वजह से इसने लोगों के लिए रेडियो सुनने का नया रास्ता खोल दिया। दरअसल इस Regency TR-1 को 18 अक्टूबर 1954 को अमेरिकन मार्केट में पेश किया गया था। इसे टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट इंजीनियरिंग एसोसिएट्स यानी IDEA ने मिलकर डिजाइन किया था।

इसे वर्ल्ड के पहले कमर्शियल ट्रांजिस्टर रेडियो के तौर पर जाना जाता है और इसकी शुरुआती कीमत उस वक्त करीब 49.95 डॉलर थी। उस वक्त रेडियो में वैक्यूम ट्यूब का यूज नॉर्मल था। इसकी वजह से रेडियो का साइज बड़ा हो जाता था और उसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाना भी आसान नहीं था लेकिन Regency TR-1 में ट्रांजिस्टर टेक्नोलॉजी का यूज हुआ जिससे इस परेशानी को काफी हद तक दूर किया गया।

ये छोटा, हल्का और बैटरी से चलने वाला रेडियो था, जिसे कहीं भी आसानी से अपने साथ ले जाया जा सकता था। Regency TR-1 की सबसे बड़ी खासियत इसका कॉम्पैक्ट डिजाइन था जिसकी वजह से लोग इसे घर के बाहर, ट्रेवल के दौरान या खाली वक्त में भी यूज कर सकते थे। इससे रेडियो सुनना सिर्फ घर के एक रूम तक सीमित नहीं रहा गया बल्कि इससे लोग अपनी पसंद के कार्यक्रम और सांग्स कहीं भी सुन सकते थे।

हालांकि उस वक्त इसकी वॉइस क्वालिटी और रिसेप्शन आज के रेडियो डिवाइस जैसी बेहतर नहीं थी। इसके बावजूद छोटे साइज ने इसे एक अट्रैक्टिव इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बनाया।

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संपादक : नीरज दीवान

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