राष्ट्रवाणी: त्योहारों का सीजन शुरू होते ही बाजार से लेकर Online शॉपिंग Apps तक हर जगह बंपर सेल और भारी डिस्काउंट मिलता है. नया फोन खरीदना हो, घर के लिए नया TV लेना हो और चाहे कपड़ों की शॉपिंग करनी हो हर कोई इसी ताक में रहता है कि कहीं से सबसे सस्ता सामान मिल जाए. लेकिन सस्ते के लालच का फायदा उठाने के लिए Cyber ठग भी पूरी तरह तैयार हो चुके हैं. फेस्टिव सीजन में ठग सबसे ज्यादा इस्तेमाल फर्जी वेबसाइट्स का करते हैं. जो दिखने में बिल्कुल अमेजन, फ्लिपकार्ट और Myntra जैसी बड़ी कंपनियों की Official साइट जैसी लगती हैं. ठग इन नकली वेबसाइट्स का प्रचार Facebook और Instagram पर Sponsered विज्ञापनों के जरिए करते हैं. जहां ब्रांडेड जूते, स्मार्टवॉच और महंगे गैजेट्स बहुत सस्ते दिखाए जाते हैं. जब आप उस लिंक पर क्लिक करते हैं. तो वेबसाइट का डिजाइन और लोगो देखकर शक ही नहीं होता कि यह नकली है. आपको बता दें इन फर्जी साइट्स पर Cash On Delivery का बटन जानबूझकर बंद रखा जाता है और Extra डिस्काउंट का झांसा देकर आपसे पहले Online पेमेंट करवाई जाती है. इससे बचने रास्ता यही है कि किसी भी अनजान लिंक से शॉपिंग करने के बजाय हमेशा कंपनी के असली App का इस्तेमाल करें. वेबसाइट के URL की स्पेलिंग ध्यान से चेक करें और जहां सिर्फ पहले पेमेंट करवा रहे हों वहां से खरीददारी न करें. या फिर कोई अनजान APK फाइल आपके फोन में चुपके से डाउनलोड हो जाती है. यह फाइल आपके फोन का पूरा कंट्रोल हैकर्स के हाथ में दे देती है. जिससे वे आपके OTP तक पढ़ लेते हैं. इसके अलावा कई बार ठग फोन करके कहते हैं कि आपका कैशबैक आया है. जिसे पाने के लिए UPI ऐप में जाकर पिन डालें. हमेशा याद रखें कि पैसे रिसीव करने के लिए कभी भी UPI पिन डालने की जरूरत नहीं पड़ती है, पिन सिर्फ पैसे कटने के लिए होता है. त्योहारों के टाइम पर हम सब एक साथ कई सारे ऑर्डर कर देते हैं और कई बार तो यह भी याद नहीं रहता कि कौन सा पार्सल कब आने वाला है. ठग इसी कन्फ्यूजन का फायदा उठाकर नकली डिलीवरी एजेंट बनकर कॉल करते हैं. वे आपसे कहते हैं कि आपका पार्सल दरवाजे पर है, लेकिन एड्रेस कन्फर्म करने या डिलीवरी कैंसिल करने के लिए आपके नंबर पर एक ओटीपी भेजा गया है. जैसे ही आप वह कोड बताते हैं, आपके बैंक खाते या क्रेडिट कार्ड से तगड़ी रकम उड़ जाती है. वहीं दूसरी तरफ जब किसी का ऑर्डर लेट होता है या रिफंड अटकता है, तो लोग गूगल पर जाकर शॉपिंग ऐप का कस्टमर केयर नंबर ढूंढते हैं. स्कैमर्स गूगल पर अपने फर्जी नंबर लिस्ट कर देते हैं और जब आप कॉल करते हैं, तो वे रिफंड दिलाने के बहाने फोन में स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करवाकर सारा पैसा साफ कर देते हैं. इसलिए शिकायत के लिए हमेशा शॉपिंग ऐप के अंदर मौजूद हेल्प सेक्शन का ही सहारा लें. नीलेश ओझा एबीपी न्यूज़ में कार्यरत हैं और फिलहाल टेक बीट संभाल रहे हैं. इससे पहले वह स्पोर्ट्ज़विकी और क्रिकएडिक्टर में सब एडिटर, इनशॉर्ट्स में हिंदी कंटेट स्पेशलिस्ट और ज़ी हिंदुस्तान और ज़ी राजस्थान में काम कर चुके हैं. पत्रकारिता के दौरान उन्होंने कई क्रिकेट मैच कवर किए हैं और क्रिकेट लाइव स्ट्रीमिंग भी होस्ट की है. न्यूज़ और खेल के साथ नीलेश की दिलचस्पी गीत लेखन में भी है. पिछले साल उनके लिखे एक गीत को बॉलीवुड सिंगर अर्नब दत्ता की आवाज़ में रिलीज़ किया गया. पढ़ाई की बात करें तो उन्होंने मुरैना के अंबाह पीजी कॉलेज से बीए की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से डिजिटल जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा किया है. We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.
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