राष्ट्रवाणी: बालोद। जिले के सनौद थाना क्षेत्र में किसानों से धान खरीदी के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपी ने किसानों को बाजार भाव से अधिक कीमत देने का झांसा देकर धान खरीदा, लेकिन रकम का भुगतान नहीं किया।
इस मामले में पुलिस ने आरोपी मयंक जैन उर्फ दीपक अग्रवाल को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने ग्राम बोहारा, डोटोपार और अरकार क्षेत्र के करीब 19 किसानों को बाजार भाव से अधिक कीमत देने का लालच दिया। उसने किसानों से रबी/गर्मी फसल का धान खरीदा और 1-2 दिन के भीतर भुगतान करने का आश्वासन दिया।
आरोप है कि धान लेने के बाद आरोपी ने किसानों को उनकी उपज की कुल 21 लाख 37 हजार 745 रुपये की रकम का भुगतान नहीं किया। किसानों की शिकायत के बाद सनौद थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी मूल रूप से ग्राम नांहदा, थाना देवरी, जिला बालोद का रहने वाला है।
धोखाधड़ी के बाद वह पुलिस से बचने के लिए अपना ठिकाना बदलकर राजनांदगांव जिले के घुमका में किराये के मकान में रह रहा था। बताया गया कि आरोपी वहां ‘महालक्ष्मी वस्त्रालय’ नाम से कपड़े की दुकान संचालित कर रहा था। वह करीब दो महीने से घुमका में रह रहा था और पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग नाम व पते का इस्तेमाल कर रहा था।
आरोपी की तलाश के दौरान पुलिस ने साइबर सेल बालोद से तकनीकी मदद ली। साथ ही पुलिस के मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया। आरोपी के घुमका में छिपे होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर उसे हिरासत में लिया और सनौद थाने लाकर पूछताछ की।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने किसानों से धान खरीदकर रकम का भुगतान नहीं करने की बात स्वीकार की। मामले में सनौद थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 80/2026 के तहत धारा 318(4) बीएनएस में अपराध दर्ज किया था। गिरफ्तार आरोपी मयंक जैन उर्फ दीपक अग्रवाल (32 वर्ष), पिता सुशील जैन, निवासी नांहदा, थाना देवरी, जिला बालोद को 21 सितंबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर बालोद न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस की इस कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रकांत गवर्ना, SDOP गुरूर माया शर्मा के निर्देशन और थाना प्रभारी सोनसिंह सोरी के नेतृत्व में पुलिस टीम की भूमिका रही।
