राष्ट्रवाणी: Humane Ways To Keep Pigeons Away From AC: बालकनी में कबूतरों का आना शुरू में भले ही सामान्य लगे, लेकिन जब वे वहीं घोंसला बनाने लगते हैं तो परेशानी बढ़ जाती है. बालकनी में पंख, बीट, तिनके और दूसरी गंदगी जमा होने लगती है. लगातार गुटरगूं की आवाज भी परेशान कर सकती है. ऐसे में कबूतरों को भगाने के लिए जरूरी नहीं कि उन्हें नुकसान पहुंचाया जाए. कुछ आसान और ह्यूमेन तरीकों की मदद से आप अपनी बालकनी को कबूतरों के लिए कम आकर्षक बना सकते हैं. खाने-पीने की चीजें खुले में न छोड़ें कबूतरों को बालकनी से दूर रखने का सबसे आसान तरीका है कि वहां उनके लिए खाने का कोई सोर्स न रहे. बालकनी में पालतू जानवरों का खाना, पक्षियों के लिए डाला गया दाना, ब्रेड के टुकड़े या खुला कूड़ा न छोड़ें. थोड़ी सी भी खाने की चीज कबूतरों को बार-बार उसी जगह आने के लिए आकर्षित कर सकती है. अगर बालकनी में खाना या कूड़ा रखा रहता है तो उसे अच्छी तरह ढककर रखें. साथ ही, खाने के छोटे टुकड़े या गिरे हुए दाने तुरंत साफ कर दें. जब कबूतरों को वहां आसानी से खाना नहीं मिलेगा तो धीरे-धीरे वे दूसरी जगह तलाशने लगेंगे. कबूतर अक्सर बालकनी की रेलिंग, सपाट किनारों और एयर कंडीशनर की बाहरी यूनिट जैसी जगहों पर बैठना पसंद करते हैं. ऐसी जगहों पर ह्यूमेन एंटी-पर्च स्ट्रिप्स, ढलान वाले कवर या इसी तरह के दूसरे प्रोडक्ट लगाए जा सकते हैं. इनका मकसद कबूतरों को चोट पहुंचाना नहीं, बल्कि ऐसी जगह को उनके लिए असुविधाजनक बनाना है, ताकि वे वहां बैठने के बजाय किसी दूसरी जगह चले जाएं. इस तरह बालकनी में कबूतरों के बैठने की जगह धीरे-धीरे कम की जा सकती है. बालकनी में रखे पुराने डिब्बे, फर्नीचर, गमले और घर का बेकार सामान कबूतरों को घोंसला बनाने के लिए सुरक्षित कोना दे सकते हैं. अगर ऐसे सामान के बीच खाली जगह या छिपने वाली जगह बनी हुई है तो कबूतर उसे अपने लिए सुरक्षित जगह समझ सकते हैं. इसलिए बालकनी में जरूरत से ज्यादा सामान जमा न होने दें. पुराने डिब्बे, बेकार फर्नीचर और ऐसी चीजें जिन्हें इस्तेमाल नहीं करते हैं, उन्हें हटा दें. बालकनी जितनी साफ और व्यवस्थित रहेगी, कबूतरों के लिए वहां घोंसला बनाने की जगह ढूंढना उतना ही मुश्किल होगा. चमकने वाली चीजों का सावधानी से इस्तेमाल करें घोंसला बनाने की कोशिश को शुरुआत में ही रोकें अगर कबूतर बालकनी में तिनके, पत्तियां या पंख जमा करके घोंसला बनाने की कोशिश कर रहे हैं और अभी उन्होंने अंडे नहीं दिए हैं, तो जहां कानूनी तौर पर इसकी अनुमति हो, वहां घोंसला बनाने वाली सामग्री को हटा सकते हैं. शुरुआत में ही ऐसा करने से कबूतरों को वहां टिकने से हतोत्साहित किया जा सकता है. हालांकि, अगर कबूतर घोंसला बना चुके हैं और उसमें अंडे हैं तो उसे परेशान नहीं करना चाहिए. घोंसला हटाने से पहले स्थानीय वाइल्डलाइफ नियमों की जानकारी जरूर ले लें. किसी भी स्थिति में ऐसा तरीका न अपनाएं जिससे पक्षी को चोट पहुंचे. बालकनी में खाने का कोई इंतजाम न रखें अगर आप बालकनी में पक्षियों के लिए नियमित रूप से दाना डालते हैं तो कबूतरों के आने की संभावना बढ़ सकती है. अगर आपका मकसद कबूतरों को बालकनी से दूर रखना है तो वहां खाने की चीजें न रखें. बालकनी में खाने की चीजें, दाना या ब्रेड के टुकड़े नहीं होंगे तो कबूतरों को बार-बार लौटने की वजह भी कम मिलेगी. साथ ही, आसपास गिरी हुई खाने की चीजों को साफ रखना भी जरूरी है. कबूतरों को दूर रखने में सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप बालकनी की सफाई नियमित रूप से करते रहें. कबूतरों की बीट, पंख, तिनके और खाने के बचे हुए टुकड़े बालकनी में जमा न होने दें. गंदगी और खाने के अवशेष कबूतरों को दोबारा उसी जगह आने के लिए आकर्षित कर सकते हैं. सिर्फ एक तरीका अपनाने के बजाय कई ह्यूमेन तरीकों को साथ में इस्तेमाल करना ज्यादा प्रभावी हो सकता है. बालकनी में खाने के सोर्स को हटाना, बैठने की जगह कम करना, घोंसला बनाने के लिए जगह न देना और सफाई बनाए रखना जैसे उपाय लगातार करने से कबूतर धीरे-धीरे उस जगह को अपने लिए कम अनुकूल समझने लगेंगे. सोनम एबीपी लाइव में कंटेंट राइटर हैं. यहां वह लाइफस्टाइल कैटिगरी और इसके अंतर्गत आने वाली सब-कैटिगरीज हेल्थ, होम टिप्स, रिलेशनशिप, ट्रैवल, पैरेंटिंग, ब्यूटी और फैशन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. सोनम करीब 15 साल से लेखन की दुनिया में कार्यरत हैं. इससे पहले वह , के आईनेक्स्ट में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं. इन सभी जगहों पर उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं. सोनम ने लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन किया है. We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.
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