राष्ट्रवाणी: Easy Hacks To Keep Bedsheets Clean Longer: दिनभर की थकान के बाद साफ और फ्रेश बेड पर सोने का मजा ही अलग होता है. लेकिन अगर बेडशीट कई दिनों तक लगातार इस्तेमाल की जाए तो उसमें पसीना, धूल और गंदगी जमा होने लगती है. इससे बेडशीट से बदबू आने लग सकती है और सोते समय भी असहज महसूस हो सकता है. खासकर कुंवारे लोगों के लिए, जो अक्सर अकेले रहते हैं और रोज-रोज बेडशीट बदलना या धोना आसान नहीं होता, उनके लिए कुछ आसान आदतें काफी काम आ सकती हैं. अगर आप चाहते हैं कि बेडशीट लंबे समय तक साफ और फ्रेश बनी रहे, तो सबसे जरूरी बात है कि सिर्फ बेडशीट पर ध्यान न देकर पूरे बेड और कमरे की सफाई का ख्याल रखा जाए. बेडशीट को फ्रेश रखने का सबसे जरूरी तरीका बेडशीट को लंबे समय तक फ्रेश रखने के लिए सबसे पहले उसे इस्तेमाल करने के तरीके पर ध्यान दें. सोने से पहले शरीर को साफ रखना बेडशीट पर पसीने, तेल और धूल के जमा होने को कम करने में मदद कर सकता है. खासकर लंबे दिन या वर्कआउट के बाद सीधे बेड पर जाने के बजाय शॉवर लेना बेहतर रहता है. अगर आप रोज नहाकर सोते हैं और बेड पर जाने से पहले खुद को साफ रखते हैं, तो बेडशीट जल्दी गंदी होने से बच सकती है. यही छोटी सी आदत उन लोगों के लिए काफी फायदेमंद हो सकती है, जो बार-बार बेडशीट धोने से बचना चाहते हैं. बेडशीट को बार-बार बदलने के बजाय करें रोटेट अगर आपके पास एक ही बेडशीट है, तो उसके लगातार इस्तेमाल से वह जल्दी गंदी और घिसी हुई लग सकती है. इसलिए कोशिश करें कि एक बेड के लिए कम से कम 2 से 3 बेडशीट का सेट रखें. एक इस्तेमाल में हो तो दूसरी साफ बेडशीट तैयार रखी जा सकती है. बेडशीट को रोटेट करने से एक ही शीट पर लगातार इस्तेमाल का दबाव कम होता है और बेड को हर बार फ्रेश रखने में आसानी होती है. बेड पर बैठकर खाना या स्नैक्स खाना भी बेडशीट को जल्दी गंदा कर सकता है. खाने के छोटे-छोटे टुकड़े और किसी चीज के गिरने से दाग लग सकते हैं. इसके अलावा गंदगी जमा होने की वजह से बेड की सफाई भी मुश्किल हो जाती है. अगर आपको बेड पर बैठकर खाना पसंद है, तो कम से कम इस बात का ध्यान रखें कि खाने के बाद बेडशीट पर कोई टुकड़ा या गंदगी न रह जाए. सिर्फ बेडशीट साफ रखने से काम नहीं चलेगा. समय के साथ मैट्रेस और तकिए में भी पसीना, धूल और त्वचा से निकलने वाले कण जमा हो सकते हैं. बाद में यही गंदगी साफ बेडशीट तक भी पहुंच सकती है. मैट्रेस को महीने में एक बार वैक्यूम करने से धूल और गंदगी हटाने में मदद मिल सकती है. मैट्रेस प्रोटेक्टर का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. तकिए के कवर को ज्यादा नियमित रूप से बदलना चाहिए और तकिए की भी समय-समय पर सफाई करनी चाहिए. कमरे में ज्यादा नमी होने पर बेडशीट से सीलन जैसी गंध आने लग सकती है. इसलिए कमरे में हवा का सही वेंटिलेशन होना जरूरी है. समय-समय पर खिड़कियां खोलें ताकि कमरे में ताजी हवा आती-जाती रहे. अगर कमरे में नमी ज्यादा रहती है तो उसे कम करने के लिए डीह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल किया जा सकता है. पंखा चलाने से भी कमरे में हवा का सर्कुलेशन बना रहता है. अगर बेडशीट धोकर रख रहे हैं तो उसे पूरी तरह सुखाना जरूरी है. हल्की भी नमी रह गई तो लंबे समय तक रखने पर उसमें सीलन की गंध आ सकती है. पूरी तरह सूखने के बाद ही बेडशीट को फोल्ड करके रखें. बेडशीट को ठंडी और सूखी जगह पर रखें और सीधी धूप से बचाएं. स्टोरेज के लिए सांस लेने वाले कॉटन बैग का इस्तेमाल किया जा सकता है. प्लास्टिक में लंबे समय तक बंद रखने से सीलन जैसी गंध आने की समस्या हो सकती है. बेडशीट को फ्रेश रखने के लिए इन बातों का रखें ध्यान अगर आप चाहते हैं कि बेडशीट जल्दी गंदी न हो तो सिर्फ उसे धोना ही काफी नहीं है. सोने से पहले साफ रहना, बेड पर खाना न खाना, कमरे में हवा का सही सर्कुलेशन रखना और मैट्रेस-तकिए की सफाई करना भी उतना ही जरूरी है. जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं. लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं. ट्रैवल उनका इंटरेस्ट एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं. We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.
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